Friday, 11 May 2018

ट्यूशन-कोचिंग आज का उभरता हुआ कैरियर



ट्यूशन की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें कोई पूंजी नही लगानी पड़ती और न ही बहुत ज्यादा समय देने की आवश्यकता पड़ती है। कोई भी ट्यूटर अपने हिसाब से समय तय कर सकता है और अपनी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार छात्र-छात्राओं का चयन कर सकता है....


एक समय था जब ट्यूशन वही लोग लेते थे जो कड़की-सड़की में रहते थे, या पार्ट टाइम पढ़ाकर पैसे कमा लेना चाहते थे। मगर अब जमाना पूरा बदल गया है. ट्यूशन और कोचिंग इस दौर में बाकायदा का प्रोफेशन बन गए हैं। ये ऐसे काम हो गए हैं जिसमे पैसा तो है सम्मान भी बहुत ज्यादा है आज हर किसी को अपने बच्चों के लिए , हर किसी महत्वाकांक्षी इंसान को बेस्ट ट्यूटर या कोच चाहिए। इसी कारण ट्यूटर या कोच का सोसाइटी में वैल्यू बढ़ने लगा है।


ट्यूशन-कोचिंग आज का उभरता हुआ कैरियर
दिनोदिन बढ़ता ग्राफ

यहां यह समझ लेना जरूरी है कि ट्यूशन का दायरा छोटा होता है, जबकि कोचिंग क्लास का दायरा बहुत बड़ा है। ट्यूशन की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें कोई कैपिटल नही लगानी पड़ती और ज्यादा समय देने की भी जरूरत भी नही पड़ती है। कोई भी ट्यूटर ट्यूशन के लिए अपने हिसाब से समय तय कर सकता है। कुछ साल पहले अमेरिका की प्रतिष्ठित मैगजीन 'टाइम' ने एक बड़ा आर्टिकल पब्लिश किया था, जिसमे बताया था कि किस तरह एशियाई बच्चों के पैरेंट्स अपनी संतानों की ट्यूशन को तवज्जोह दे रहे हैं। ट्यूशन के दो तरीके हैं। एक तो यह आपको घर जाकर बच्चों को पढ़ाना पड़ता है और दूसरा यह कि अपने घर पर ही बुलाकर बच्चों को पढ़ाना रहता है। ट्यूशन में आप अपने एजुकेशनल एलिजिबिलिटी के हिसाब से स्टूडेंट्स को चुन सकते हैं। अगर आप ग्रेजुएट हैं तो आप 10 वीं तक पढ़ा सकते हैं और अगर पोस्टग्रेजुएट हैं तो 12वीं के अलावा ग्रेजुएट लेवल के स्टूडेंट्स को पढ़ा सकतें है। आजकल ट्यूशन की आउटसोर्सिंग भी होने लगी है मतलब आप घर से बैठे-बैठे ही बाहर के किसी भी स्टूडेंट को पढ़ा सकतें हैं। इससे आपको अच्छा-खासा पैसा मिल सकता है।
ट्यूशन एक ऐसा फील्ड है जिसमें पैसा आपकी मेहनत और आपके समय पर निर्भर करता है। जितने घंटे समय आप मेहनत करेंगे उतनी ही आपकी इनकम हो सकती है। मुंबई एवं दिल्ली जैसे शहरों में तो घंटे के हिसाब से ट्यूटर को पैसे मिलते हैं। इन शहरों में 12वीं क्लास के स्टूडेंट को 1 घण्टा साइंस, मैथमेटिक्स और इंग्लिश पढ़ाने के लिए 4 से 5 हजार रुपये महीने तक मिलते हैं। अगर अपने घर बुलाकर भी पढाते हैं तो भी हजारों रुपए कमा सकतें हैं। छोटे शहरों में भी अगर ट्यूशन दिया जाए तो भी 20,000  तक कमाया जा सकता है।

एक्सपीरियंस देता है बहुत सारा मौका

ट्यूशन एक ऐसा फील्ड जिसमें एक्सपीरियंस बहुत मैटर करता है। शुरुआत में पढ़ाने के लिए आपको पढ़ना पड़ता है लेकिन जैसे-जैसे अनुभव हो जाएगा वैसे-वैसे इसकी जरूरत कम हो जाएगी। अगर सिलेबस बदल रहा है तो उसके हिसाब से आपको भी बदलना रहता है। पढ़ाने से आपके अंदर काफी निखार आ जाता है जिससे किसी भी कम्पटेटिव एग्जाम में बैठने पर आपको काफी फायदा मिलता है। मेहनत और लगन से काम करते रहने के बाद एक सफल ट्यूटर बन सकते। हैं।

कैसे होता है काम

कोचिंग क्लास का कांसेप्ट ट्यूशन से एकदम अलग होता है। ट्यूशन में जहां एक एक पर्सन ही ट्यूशन देता है और प्रायः घर-घर जाकर ट्यूशन लेता है। वहीं किसी भी कोचिंग क्लास का प्रायः विशाल कैंपस होता है। इसमें कैपिटल लगाने की भी जरूरत पड़ती है। ऐसे में सेंटर्स पर अलग-अलग सब्जेक्ट के टीचर्स अपॉइंट किये जाते हैं। इन सेंटरों पर 10वीं और 12वीं के साथ-साथ इंजीनियरिंग, डॉक्टरी, सीए और मैनेजमेंट जैसे बड़े कोर्सेस में एंट्रेस की प्रिपरेशन भी होता है। इस तरह के सेंटर आजकल छोटे-छोटे शहरों में भी खुल गए हैं। जिनकी हेड ऑफिस दिल्ली और मुम्बई में हैं और जिनकी शाखाएं पूरे देश मे फैली हुई हैं। इन सेंटर्स पर रेगुलर 2 से 6 घण्टे की क्लास चलती है। इन सेंटर्स की मांग आज काफी ज्यादा बढ़ती जा रही है यहां पढ़कर आज के स्टूडेंट्स अपने मनमाफिक कोर्स में एडमिशन पा रहें हैं।

क्या है इनकम के चांस

इन कोचिंग सेंटर्स में पढ़ाने वाले टीचर्स को काफी मोटी रकम मिलती है। अभी खबर आई थी कि बेंगलुरु में कोचिंग की वजह से स्कूलों में समस्या स्टार्ट हो गयी है क्योंकि टीचर्स स्कूलों में न पढ़ाकर कोचिंग्स में पढाना ज्यादा पसन्द कर रहें हैं। इसकी खास वजह सैलरी है। कोचिंग ट्यूशन के जरिये कम समय मे काफी पैसा कमाया जा सकता है। दूसरों की कोचिंग में पढ़ाकर और खुद की कोचिंग खोलकर पढाना भी विकल्प है। इन सारी बातों से आप अंदाजा लगा सकतें हैं कि आज ट्यूशन-कोचिंग टीचर का कैरियर कितना उभरता हुआ कैरियर है।


Thanks
Team Akanksha

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