सुकन्या और नीरज दिन भर इंटरव्यू लेते रहतें है लेकिन उनमें से एक भी कैंडिडेट उनकी कम्पनी में काम नही करता है। बल्कि सारे कैंडिडेट किसी और कम्पनी में जाते हैं। दोनों इस काम से काफी पैसा भी कमाते हैं।वो दोनों इस काम को काफी इंजॉय भी करतें है क्योंकि इसमें वो कम्पनी और कैंडिडेट दोनो की हेल्प करतें हैं।
जॉब कन्सलटेंसी को स्टफिंग या टेम्परेरी एजेंसी भी कहा जाता है। इसमें किस-किस जगह नौकरी है पता करके उसके कम्पनी के लिए परफेक्ट कैंडिडेट की तलाश की जाती है, उनका इंटरव्यू भी लिया और स्क्रूटनी भी किया जाता है। जॉब कन्सलटेंसी का सीधा सा काम होता है मार्केट की कम्पनियों और संस्थानों में खाली पोस्ट पर
परफेक्ट कैंडिडेट भेजना।
कैसे कर सकतें हैं शुरुआत
इस इंडस्ट्री का फील्ड भी काफी बड़ा है। जैसे टेक्निकल से लेकर नॉन टेक्निकल और परमानेंट से लेकर टेम्पररी तक। इसलिए जब भी स्टार्ट करें तो किसी एक स्पेशल फील्ड पहले फोकस करके उस पर कमांड करें। साथ ही रजिस्ट्रेशन और लीगल पेपर्स, लाइसेंस आदि भी करा लें।
इसके बाद आप अपने पसंदीदा फील्ड के बारीकियों के बारे में समझ लें। जैसे उस फील्ड में क्या-क्या डिमांड है, कौन-कौन सी एजेंसियां अभी सर्विस दे रही हैं, क्या अप-डाउन्स हैं। सारी चीजें अच्छे से समझ लें फिर कदम बढ़ाएं। क्योंकि एक बेहतर रिसर्च वर्क एक बेहतर कम्पनी की नींव होता है।
इसके बाद आप अपने पसंदीदा फील्ड के बारीकियों के बारे में समझ लें। जैसे उस फील्ड में क्या-क्या डिमांड है, कौन-कौन सी एजेंसियां अभी सर्विस दे रही हैं, क्या अप-डाउन्स हैं। सारी चीजें अच्छे से समझ लें फिर कदम बढ़ाएं। क्योंकि एक बेहतर रिसर्च वर्क एक बेहतर कम्पनी की नींव होता है।
एजेंसी स्टार्ट करने में लागत
पहर बिजनेस की तरह यह बिजनेस भी एक स्टार्टिंग इन्वेस्टमेंट चाहता है। जैसे जगह पर खर्च, इम्प्लॉइज पर खर्च, इन्श्योरेंस, ऑफिस सेट अप जैसे एक्सपेंस का एक पूरा कैलकुलेशन कर लें।इसके लिए आप लोन भी ले सकतें हैं और लोन के लिए जरूरी है कि आप अपना पेपर वर्क मजबूत रखें। क्योंकि शुरुआत में 2-3 लाख रुपये तक लग सकते हैं। क्योंकि ऑफिस में कम्प्यूटर, फर्नीचर, शुरुआती कुछ खर्च के लिए बजट और सारे बेसिक काम होते हैं।
सही प्लेस और सही स्टाफ का करें सिलेक्शन
कहतें है सही जगह का चुनाव कर लेना बिजनेस के लिए सफलता की पहली सीढ़ी होती है। इसके लिए जगह ऐसी होनी चाहिए, जो लोगों के नजर में आ सकें और आसानी से नौकरी देने वाली कम्पनी और कैंडिडेट्स वहां पहुंच सके। एक बिजनेस करने जा रहे तो जाहिर सी बात है आपको कुछ लोगों की जरूरत बिल्कुल पड़ेगी। इसके लिए नेटवर्किंग, एडवरटाइजिंग के जरिये, चाहे जैसे करें स्टाफ का सेलेक्शन बहुत ध्यान से करें और उनका पूरा डीटेल भी अपने पास रखें।इस बात की पूरी तसल्ली कर लें कि वह आपके वर्क स्टाइल को सूट करतें हैं या नही। एक एक्सपीरिएंसड स्टाफ एक्सपेक्टेड कस्टमर से कॉन्टैक्ट करने, इंटरव्यू करने और जॉब के लिए कैंडिडेट्स का आकलन करने का कार्य बखूबी करता है।
मार्केटिंग प्लान हो जबरदस्त
मार्केटिंग का प्लान करने से पहले टारगेटेड क्लाइंट्स का एक लिस्ट बना लें। इसमें अपने पर्सनल कॉन्टैक्ट, उन कम्पनियों की लिस्ट, जिनके लिए आप शुरुआत में काम करेंगे। इसके लिए इंटरनेट, सोशल मीडिया पर लिंक्डइन का का भरपूर मदद ले सकते हैं। इसके बाद शुरुआती ई-मेल कम्पनियों को भेजकर अपने सर्विसेज के बारें में बता दें जिससे वो कम्पनी में होने वाली जॉब नोटिफिकेशन आपके साथ भी शेयर कर दिया करें। आप अपना एडवरटीजमेन्ट न्यूजपेपर, मैगजीन में देकर, सोशल साइट्स पर नोटिफिकेशन डालकर, सोशल मीडिया पर एड चलकर कर सकतें हैं।
योग्यता और स्किल
इस इंडस्ट्री में किसी विशेष डिग्री की जरूरत नही होती है। लेकिन आपके कुछ बातों का होना बहुत जरूरी हैं।
● इंडस्ट्री की समझ: जिस फील्ड में आप प्लेसमेंट आप कराना चाहते। है उसकी आपको अच्छी समझ होनी चाहिए।
● कम्युनिकेशन स्किल: आपकी कम्युनिकेशन बहुत परफेक्ट होनी चाहिए।
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| जॉब कंसल्टेंसी: नए समय का नया बिजनेस |
● लोक-व्यवहार(मैनर्स एन्ड एटिकेट्स): आप किसी का इंटरव्यू लेकर किसी कम्पनी में आप उस कैंडिडेट को जॉब के लिए रिकमेंड करतें हैं। इसलिए आपको लोगों के व्यवहार में बहुत अच्छे ढंग से पता होना चाहिए।
● कूलनेस: कई बार दिनभर काम करने के बाद रिजल्ट उस तरह नही आएगा, कम्पनी का प्रेशर होगा, कैंडिडेट का एटीट्यूड, कम्पटीशन का दबाव आपको परेशान कर सकता है इसलिए आपको कूल बनाकर रखना होगा।
इनकम
यह इंडस्ट्री पूरी तरह से आपके कैंडिडेट के कम्पनी में जॉब लग जाने के पर निर्भर करती है। बेसिकली कन्सलटेंसी अपने कैंडिडेट से चार्ज करती हैं।
शुरुआत में लगन से कम करके एक अच्छी आमदनी कमा सकतें हैं उसके बाद अनुभव होने और कॉन्टेक्ट्स बनने के बाद बहुत सारा पैसा कमा सकतें हैं।
Team Akanksha

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