Friday, 27 April 2018

फ़ूड प्लानिंग में भी रोजगार है की ऑपर्चुनिटी


अच्छी सेहत और स्वास्थ्य आहार के तालमेल के मद्देनजर वर्तमान माहौल में न्यूट्रिशनिस्ट/डायटीशियन की काफी मांग है

आजकल लोगों में स्वास्थ्य जागरूकता देखते बनती है। एक्सरसाइज से लेकर फ़ूड तक उनके उनके द्वारा उस उपाय को अपनाया जाता है जो उनको फिट रखने में मददगार हो। यही कारण है कि अच्छी सेहत को ध्यान में रखते हुए आहार के मामले में  न्यूट्रिशनिस्ट/डायटीशियन की सलाह लेंने में भी वे पीछे नहीं हैं। ऐसे में न्यूट्रिशनिस्ट/डायटीशियन की मांग पहले की तुलना में अब काफी बढ़ गयी है

 फ़ूड प्लानिंग में रोजगार ऑपर्चुनिटी 

वर्क रूटीन

मोटे तौर पर कहा जाए तो डाइटीशियन का काम किसी भी तरह का फ़ूड प्लान करना होता है। ऐसे प्रोफेशनल किसी भी उम्र के पर्सन के लिए फ़ूड प्लानिंग कर सकते हैं। फ़ूड प्लानिंग का मकसद यही होता है कि आहार  के रूप में जो खाया जाए, वह संतुलित हो और शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अत्यंत फायदेमंद हो। व्यक्ति की जरूरत, उम्र, बीमारी आदि के आधार पर ही फूड प्लानिंग की जाती है।

कोर्स कैसे-कैसे

डायटेटिक्स एंड न्यूट्रिशन के कोर्स ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन, दोनों ही स्तरों के उपलब्ध हैं। कई संस्थानों में डिप्लोमा इन डायटेटिक्स एंड पब्लिक हेल्थ नयट्रिशन (डीडीपीएचन) जैसा एकवर्षीय पीजी डिप्लोमा कोर्स भी है। इसके अलावा फ़ूड साइंस के 4 वर्षीय पाठ्यक्रम में भी एडमिशन ले सकतें है। इस फील्ड में हायर एजुकेशन की भी सुविधा है। आप पीएचडी और रिसर्च जैसे पाठ्यक्रमों में पीजी के बाद जा सकतें हैं। मेडिकल बैकग्राउंड न होने पर भी डाइटीशियन के रूप में कैरियर बनाया जा सकता है। इसके लिए होमसाइंस, फ़ूड टेक्नोलॉजी आदि से रिलेटेड बैकग्राउंड जरूरी है। पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद इस क्षेत्र में बेहतर अवसर मिलते हैं।

एजुकेशनल क्वालीफिकेशन्स

ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन स्तर पर होम साइंस डायटेटिक्स एन्ड न्यूट्रिशन, फ़ूड साइंस जैसे विषयों की पढ़ाई के बाद डाइटीशियन के रूप में कैरियर की रूपरेखा बनाई जा सकती है। बैचलर कोर्स में दाखिला लेने के लिए 12वीं में साइंस विषय जरूरी है। बायोलॉजी/ होम साइंस, फ़ूड साइंस, बायोकेमिस्ट्री, एग्रीकल्चर, डेयरी, कैटरिंग टेक्नोलॉजी, मेडिसन आदि में बैचलर डिग्री रखने वाले स्टूडेंट्स डायटेटिक्स में पीजी कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं।

ऑपर्चुनिटी है यहां

हॉस्पिटल, हेल्थ एन्ड फिटनेस क्लब, होटल, स्कूल, फ़ूड मैनुफैक्चरिंग यूनिट, हेल्थ डिपार्टमेंट आदि जगहों पर ऐसे प्रफेशनल्स की मांग होती है। निजी और सरकारी, दोनों ही क्षेत्रों में  अवसर मिलतें हैं। एक्सपीरिएंस के बाद खुद की प्रैक्टिस से भी कमाई की जा सकती है

मुख्य संस्थान

पीजी डिप्लोमा कोर्स इन डायटेटिक्स, इंस्टिट्यूट ऑफ होम इकोनॉमिक्स, नई दिल्ली
वेबसाइट: www.ihe-du.com/

गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर
वेबसाइट: www.gndu.ac.in/

आल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हाइजीन एन्ड पब्लिक हेल्थ, कोलकाता
वेबसाइट: www.aiihph.gov.in/

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन, हैदराबाद
वेबसाइट: www.ninindia.org/

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Team Akanksha

Monday, 23 April 2018

वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी: कैरियर के लिए बेहतर विकल्प

आपको फोटोग्राफी का शौक है और साथ में वन्य जीवों व उनके जीवन को करीब से देखने का चाहत रखतें हैं, तो बतौर वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर अपना कैरियर बना सकते हैं। फोटोग्राफी के क्षेत्र में यह उभरता हुआ कैरियर है।

वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी: कैरियर के लिए बेहतर विकल्प

कार्य प्रकृति

प्रोफेशनल वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर का मुख्य काम जंगली जानवरों, पक्षियों आदि की उनके नेचुरल एनवायरमेंट में ऐसी तस्वीरें खींचना है, जिससे लोगों को उन फोटोग्राफों के जरिए वन्य जीव-जंतुओं के बारे में तरह-तरह की जानकारी मिल सके। एक वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर के रूप में कार्य में सतर्कता की बहुत आवश्यकता होती है। इसकी वजह यह है कि वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी में एक छोटे से पल में फोटोग्राफर कमाल की तस्वीर खींच सकता है या इस काम में चूक भी हो सकती है.

पर्सनल स्किल्स

एक प्रोफेशनल वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर को वन्य जीवन की अधिक से अधिक जानकारी होना बेहद आवश्यक है। प्रोफेशनल कैमरे से अच्छी तरह वाकिफ होना चाहिए। इतना ही नहीं, हर स्थिति में बेहतरीन फोटोग्राफी के लिए तकनीकी ज्ञान का होना भी उतना ही आवश्यक है। वाइल्ड लाइफ का सिर्फ स्टूडियो तक ही सीमित नही होता है उसे वन्य जीवों की तस्वीरें उनकी नेचुरल सेटिंग में खींचनी होती हैं। इसलिए उसे हर परिस्थिति में खुद को ढालना आना चाहिए। कई बार एक परफेक्ट शॉट के लिए ऐसे फोटोग्राफर को महीनों तक का भी इंतजार करना पड़ता है। इसलिए धैर्यवान होना भी जरूरी है।

कोर्स कैसे-कैसे

देशभर के विभिन्न संस्थानों द्वारा वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर बनने के लिए अनेक सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स चलाए जाते हैं। आप किसी भी संस्थान से कोर्स करके कैरियर की शुरुआत कर सकते हैं।

अवसर कैसे-कैसे

भारत में वन क्षेत्र की कोई कमी नहीं है। इसलिए इस फील्ड में  स्कोप भी बहुत अधिक है। प्रोफेशनल वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर आमतौर पर न्यूजपेपर, एड एजेंसी, गवर्नमेंट एजेंसी आदि द्वारा मिलने वाले असाइनमेंट पर काम करते हैं। शुरुआतु दिनों में किसी वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर के साथ बतौर ट्रेनी काम की शुरुआत की जा सकती है बाद में कुछ सीखने के बाद खुद ही काम ढूंढकर किया जा सकता है।वाइल्ड लाइफ से रिलेटेड मैगज़ीन्स और डिस्कवरी, वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर की हमेशा बनी रहती है। किसी मीडिया हाउस या एनजीओ के साथ जुड़कर भी काम किया जा सकता है। अनुभव होने पर एग्जीबिशन या फोटोग्राफी कॉम्पटीशन से अपनी अलग पहचान बनाई जा सकती है। इसके अलावा कार्ड्स और कैलेंडर निर्माता कम्पनियों से भी आप काम के लिए सम्पर्क कर सकते हैं।

आमदनी

जिस तरह के भी अवसर आपको मिलतें हैं, आपकी आमदनी भी उसी पर निर्भर करती है। जैसे-जैसे इस क्षेत्र में आपका अनुभव बढ़ता जाएगा, आपकी आमदनी में इजाफा होता जाएगा। नाम होने के बाद तो आपकी कमाई लाखों में पहुंच सकती हैं।

टॉप इंस्टिट्यूटस

वाइल्ड लाइफ इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया, देहरादून
वेबसाइट: http://www.wii.gov.in/

दिल्ली स्कूल ऑफ फोटोग्राफी, नई दिल्ली
वेबसाइट: www.delhischoolofphotography.in/

एनआईडी, अहमदाबाद
वेबसाइट: www.nid.edu/

सर जेजे स्कूल ऑफ अप्लाइड आटर्स, मुम्बई
वेबसाइट: http://jjiaa.org/

जवाहर लाल नेहरू टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, हैदराबाद
वेबसाइट:   www.jntuh.ac.in/

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Team Akanksha




Thursday, 19 April 2018

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग में भी हैं मौके अपार


मेडिकल और इंजीनियरिंग का संगम बायोमेडिकल इंजीनियरिंग है।

मेडिकल फील्ड में शोध कार्यों को लेकर चिकित्सा संबंधि कार्यो के विभिन्न उपकरणों की जरूरत होती है। ऐसे ही कार्यो की वजह से बायोमेडिकल इंजीनियरिंग का क्षेत्र विकसित हुआ, ताकि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समाधान किया जा सके। इस फील्ड से संबंधित प्रोफेशनल बायोमेडिकल इंजीनियर कहलाते हैं। इसके अंतर्गत उपचार संबंधी विभिन्न जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अल्ट्रासाउंड मशीन,एक्स-रे तकनीक, कृत्रिम अंग, ऑपरेशन से संबंधित उपकरण आदि तमाम छोटी-बड़ी चीजों का निर्माण किया जाता है, ताकि चिकित्सा के क्षेत्र में सहूुलियत हो। इसमें विभिन्न बीमारियों का पता लगाने वाले उपकरण भी शामिल हैं।



विस्तृत क्षेत्र

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र को कई उप-श्रेणियों में बांटा जा सकता है। बायो मैकेनिक्स के तहत मोशन, डिफ़ॉर्मेशन, मैटेरियल आदि का अध्ययन किया जाता है, जिसमे वॉल्व, कृत्रिम सिस्टम फिजियोलॉजी में बायो-केमिस्ट्री ऑफ मेटाबॉलिज्म से सम्बंधित अध्ययन किया जाता है।

कोर्स और प्रवेश प्रक्रिया

इस फील्ड में अंडरग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट लेवल के पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। साइंस स्ट्रीम में 12 वीं पास स्टूडेंट अंडरग्रेजुएट स्तर पर एडमिशन ले सकतें हैं। जेईई व अन्य एंट्रेस टेस्ट के जरिये अंडरग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन लिया जा सकता है। दाखिले में 12वीं के अंकों को भी महत्व दिया जाता है। बीटेक/ बीई के बाद पीजी लेवल के कोर्स किये जा सकतें हैं।

पर्सनल क्वाल्टीज

स्टूडेंट को इंजीनियरिंग और बायोलॉजी, दोनों में समान रूप से दिलचस्पी होनी चाहिए। चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे बदलावों से भी सजग रहना होगा।

कहां-कहां हैं अवसर

सेहत के क्षेत्र में हो रहे बदलावों और स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियों को देखते हुए इस फील्ड में करियर के अवसर बड़े लेवल पर अवेलेबल है। मेडिकल इंस्ट्रूेंट्स  मेकर्स, फार्मास्युटिकल्स कंपनियां, मेडिसिन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स आदि में ऐसे प्रोफेशनल्स की नियुक्तियां होती रहती है। इसके अलावा अस्पतालों नर्सिंग होम, रिसर्च लैब जगहों पर भी ऐसे प्रोफेसनल मौके पाते हैं।

सैलरी

इस फील्ड में काम करने वालों का पैकेज काफी अच्छा होता है। शुरुआत में एक्सपीरियंस कम होने की वजह से कम मिलता है लेकिन जैसे-जैसे एक्सपीरियंस बढ़ता जाता है वैसे-वैसे आमदनी बढ़ती जाती है। इस फील्ड के लोगों के लिए गवर्नमेंट सर्विसेज के फील्ड में भी मौके होते है।

इंडिया में खास इंस्टीट्यूटस

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मुम्बई
वेबसाइट: www.iiitb.ac.in

कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, अन्ना युनिवर्सिटी, चेन्नई
वेबसाइट: www.annauniv. edu

बायोमेडिकल इंस्टूमेंटेशन सेंटर, उस्मानिया यूनिवर्सिटी, हैदराबाद
वेबसाइट: www.Osmaniauniversity.in

इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, बीएचयू
वेबसाइट: www.itbhu.ac.in

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Team Akanksha

ऑनलाइन ट्यूशन मिल सकतें है इन साइट्स पर



अगर आपके पास समय की कमी है और ट्यूशन के लिए भाग-दौड़ से बचना चाहते हैं, तो ऑनलाइन ट्यूशन बेस्ट ऑप्शन है। आज ऐसे कई ऑनलाइन डेस्टिनेशंस हैं, जहां आप न सिर्फ घर बैठे ऑनलाइन ट्यूशन ले सकते हैं, बल्कि गर्मी की छुट्टियों में कुछ ऑनलाइन कोर्सेज करके अपनी स्किल्स को भी इम्प्रूव कर सकतें हैं...

InstaEDU

ऑनलाइन ट्यूशन के लिहाज से इंस्टाइडु एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। 3000 से ज्यादा कॉलेज स्टूडेंट्स की एक टीम यहां ट्यूशन देने का काम करती है। यहां आप मैथ्स और सांइस से रिलेटेड सब्जेक्ट्स के साथ-साथ एडवांस्ड टॉपिक्स, जैसे- इकोनॉमिक्स, जावा स्क्रिप्ट प्रोग्रामिंग आदि की ऑनलाइन ट्यूशन ले सकतें है। इसके लिए इस साइट पर लॉग-इन करना होगा। जिस सब्जेक्ट से रिलेटेड ट्यूशन लेना चाहते हैं, इंस्टाइडु उससे सम्बंधित टीचर को मैसेज भेजता है। ट्यूटर के साथ मैच होने के बाद आप ऑनलाइन ट्यूटरिंग कर सकतें हैं। ऑनलाइन टयूशन टेक्स्ट, वीडियो चैट और व्हाइट बोर्ड के जरिये होता है। यहां पर आपको होमवर्क अपलोड करने का ऑप्शन भी मिलता है

वेबसाइट: www.chegg.com



Kaplan

अगर आप ग्रेजुएट प्रोग्राम्स, मेडिकल, जीमैट, जीआरई, एलएसएटी-इंडिया, एमकैट आदि में एडमिशन चाहतें हैं, तो इस साइट से आपको मदद मिल सकती है। इससे जुड़े टीचर्स आपको तैयारी में हेल्प करने के साथ गाइडेंस और सपोर्ट भी देते हैं, ताकि आप एग्जाम क्लियर कर सकें। यहां अमेरिकी कॉलेजों में एडमिशन के लिए होने वाले टेस्ट के अलावा, इंग्लिश प्रोग्राम टॉफेल आदि की ट्यूशन ले सकते हैं। इसके अलावा, एलिमेंट्री और मिडिल स्कूल के स्टूडेंट्स भी यहां ट्यूशन ले सकतें हैं।

वेबसाइट:  www.kaptestglobal.com


Prestoexperts

आप पीएचडी स्टूडेंट हों या फिर प्राइमरी स्कूल में पढ़ने वाले स्टूडेंट, आप प्रीस्टोएक्सेपर्ट्स पर अपने लिए आसानी से ट्यूटर खोज सकते हैं। यहां करीब 600 कैटेगरी में 30 हजार से अधिक एक्सपर्ट रजिस्टर्ड हैं। स्टूडेंट्स यहां चैट, फोन, ई-मेल आदि के जरिए भी ट्यूटर से कनेक्ट रह सकते हैं। यहां पर आपको होमवर्क असिस्टेंस, लैंग्वेज, लाइफ साइंसेज, मैथमेटिक्स, केमिस्ट्री, चाइल्ड एजुकेशन, कम्प्यूटर साइंस, अर्थ साइंस, सोशल साइंस, साइंस एंड टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग आदि से जुड़े एक्सपर्ट मिल जाएंगे।

वेबसाइट: www.prestoexperts.com


WizlQ

ऑनलाइन एजुकेशन स्पेस में एक बड़ा नाम है विजआइक्यू। इससे करीब 4 लाख से अधिक टीचर्स और 40 लर्नर कनेक्ट हैं। यहां पर पढ़ाई का तरीका अलग है। एग्जामिनेशन की तैयारी या फिर प्रोग्रामिंग से जुड़े कोर्स की फ्री-रिकॉर्डेड क्लासेज का भी ऑप्शन है। इसके अलावा, स्टूडेंट्स सीधे प्राइवेट टीचर्स के साथ एनरॉल हो सकते हैं। यहां प्राइवेट टीचर इस साइट से जुड़कर प्राइवेट ट्यूटरिंग का बिजनेस भी शुरू कर सकतें हैं। यहां पर कोर्स मैनेजमेंट, वर्चुअल क्लास, टेस्ट असेसमेंट्स, कंटेंट शेयरिंग, एक्सपर्ट्स सपोर्ट आदि का ऑप्शन दिया गया है। यहां आप बिजनेस ऐंड मैनेजमेंट, हेल्थ ऐंड फिटनेस, आईटी ऐंड सॉफ्टवेयर, लैंग्वेज, मैथ, साइंस, सोशल साइंस, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट आदि सब्जेक्ट्स से जुड़े ट्यूशन या फिर क्लास ले सकतें हैं।

वेबसाइट: www.wiziq.com

Sophia


जिन स्टूडेंट्स के पॉकेट खाली है यानी पैसे नहीं हैं, उनके लिए सोफिया ऑनलाइन लर्निंग के लिहाज से एक बेहतरीन डेस्टिनेशन है फ्री ट्यूटोरियल्स की मदद से स्टूडेंट्स ऊनी एकेडेमिक स्किल को बेहतर कर सकतें हैं। यहां पर 6000 से अधिक ट्यूटर्स के 37 हजार से अधिक फ्री ट्यूटोरियल्स हैं होमवर्क हेल्प सेक्शन में इंग्लिश, साइंस, मैथ, फाइन आर्ट्स, सोशल साइंसेज, वर्ल्ड लैंग्वेज, अप्लॉयड साइंसेज से जुड़े कोर्से हैं। इसके अलावा, आप ऑनलाइन कॉलेज भी हासिल कर सकते हैं।

वेबसाइट: www.sophia.com


e-Tutor

ऑनलाइन पढ़ाई करना हो, तो ई-ट्यूटर भी स्टूडेंट्स के लिए एक बेहतर ऑप्शन है। हालांकि, यहां उपलब्ध प्रोग्राम को सब्सक्रिप्शन के आधार पर ही एक्सेस कर पाएंगे। ई-ट्यूटर होम स्कूलर्स, इंटरनेशनल स्टूडेंट्स, हेल्थ इंपेयर्ड के साथ-साथ ऐसे स्टूडेंट्स को अपनी एजुकेशनल स्किल्स को रिफ्रेश करना चाहतें हैं, वे यहां पर उपलब्ध माड्यूल्स का लाभ उठा सकते हैं। लैंग्वेज आर्टस, मैथमेटिक्स, साइंस ऐंड सोशल साइंस और सोशल स्टडीज से जुड़े लेसन दिए गए हैं। इसके करिकुलम नेशनल स्टैंडर्ड के हैं। इसके अलावा, यहां नौ पार्ट्स में लेसन माड्यूल्स हैं, जैसे-स्टडी गाइड, लेशन, रिसोर्सेज, वोकेबुलरी ऐंड सेल्फ करेक्टिंग क्विजेज और एग्जाम। यहां पर दो तरह के प्रोग्राम्स हैं- ई ट्यूटर इंडिपेंडेंस प्रोग्राम और वन-2-वन प्रोग्राम।

वेबसाइट: www.e-tutor.com


Tutor.com

होमवर्क हेल्प से लेकर करियर डेवेलपमेंट तक यह एक ईजी डेस्टिनेशन है। इसकी खासियत है कि एजुकेटर्स यहां 24 घंटे और 7 दिन उपलब्ध होतें हैं। यहां पर मैथ्स, साइंस, इंग्लिश, फॉरेन लैंग्वेज, बिजनेस आदि से रिलेटेड सब्जेस्ट्स को कवर किया जाता है। इसके अलावा, यहां ट्यूटर्स के आर्टिकल्स पढ़ने की सुविधा भी है।

वेबसाइट: www.tutor.com


Growing Stars

यह वन-ऑन-वन ट्यूटरिंग ऑफर करता है। यहां पर अधिकतर टीचर्स के पास मास्टर डिग्री है। इसकी खासियत है कि यहां पर फ़्री होमवर्क हेल्प डेस्क दिया गया है।

वेबसाइट: www.growingstars.com 

eAge

अगर आपको इंग्लिश स्पीकिंग में परेशानी है और पब्लिकली आप इंग्लिश नहीं बोल पातें हैं, तो ईएज की स्पोकेन इंग्लिश ट्यूटरिंग सर्विसेज को ट्राई कर सकते हैं। कोर्स में वोकेबुलरी, लिसनिंग स्किल, कम्युनिकेशन और ग्रामर पर फोकस है।

वेबसाइट: www.eagetutor.com


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Tuesday, 17 April 2018

आवाज में है जादू तो बन सकते है डबिंग आर्टिस्ट

आवाज में है जादू तो बन सकते है डबिंग आर्टिस्ट

अगर आपने काबिल मूवी देखा है तो आपने देखा होगा कि हृतिक रोशन का किरदार एक डबिंग आर्टिस्ट का था। अगर आपके अंदर भी अलग अलग किरदारों के मूड और इमोशन में ढल वाली आवाज है तो एंटरटेनमेंट की इस इंडस्ट्री में बहुत सुनहरा अवसर है


जिस तरह से आज आज कार्टून मूवी, सीरियल, कमर्शियल शोज और एनिमेशन का काम बढ़ रहा है उस हिसाब से इस इंडस्ट्री कम समय मे एक बेहतरीन कैरियर बनाया जा सकता है। इस इंडस्ट्री में आवाज का कोई भी धनी इंसान बतौर वॉयस ओवर या डबिंग आर्टिस्ट टीवी, फ़िल्म और रेडियों में करियर का आगाज कर सकता है।

वर्क प्रोफाइल

एक डबिंग और वॉयस ओवर आर्टिस्ट डॉक्युमेंट्रीज़, टीवी प्रोग्राम्स, ऐड फिल्म्स में अपनी आवाज देतें हैं। हालांकि, इन दोनों कामों में थोड़ा सा अंतर है। जब किसी विजुअल, स्टिल, एडवर्टिजमेंट के साथ आवाज आती है, तो वह वॉयस ओवर आर्टिस्ट की होती है। वहीं, डबिंग आर्टिस्ट सिनेमा, टेलीफिल्म्स आदि लिए काम करते हैं। ऑन स्क्रीन एक्टर या एक्ट्रेस या एनिमेटेड कैरेक्टर्स जब परफार्म करतें हैं, तो उनकी आवाज एक डबिंग आर्टिस्ट ही रिकॉर्ड करता है।

स्किल्स पर फोकस

डबिंग में करियर के लिए इमोशन, टोन, और आवाज पर काफी काम करना होता है। एक सफल डबिंग आर्टिस्ट बनने के लिए सबसे जरूरी है, प्रोफेशन की बारीकियों को समझना। आपको कैरेक्टर्स यानी किरदारों के हावभाव को पढ़ना आन चाहिए, क्योंकि फिर उससे अपनी आवाज को मैच कराना होता है। इस क्रम में आपको बार बार री-टेक भी करने पड़ सकतें है। ऐसे में अपना कॉन्फिडेंस नही खोना चाहिए। गले को ठीक रखने के लिए आपको ठंडी चीजो से परहेज करना होगा।

एलिजिबिलिटी

डबिंग आर्टिस्ट बनने के लिए किसी विशेष एजुकेशन या क्वालिफिकेशन की जरूरत नहीं है। हां, लैंग्वेज पर कमांड जरूर होनी चाहिए। साथ ही, किरदार के अनुसार वॉयस मॉड्यूलेशन करना आना चाहिए। एक वॉयस ओवर आर्टिस्ट को डिक्शन, उच्चारण आदि पर भी कम करना होता है। इंडिया में कुछ ट्रेनिंग इंस्टीट्यूटस एक से तीन महीने का स्पेशलाइज्ड सर्टिफिकेट प्रोग्राम्स और वर्क शॉप आयोजित करते हैं।

एंट्री प्रॉसेस

इस फील्ड में एंट्री के लिए सबसे पहले आपको किसी रिकॉर्डर या कम्प्यूटर पर वॉयस रिकॉर्ड करनी होगी। इसके बाद किसी रिकॉर्डिंग स्टूडियो की मदद से अलग अलग भाषाओं में एक डेमो तैयार करें। इसके बाद प्रोडक्शन हाउस से कॉन्टैक्ट करें, जो समय समय पर ऑडिशन्स ऑर्गनाइज करतें रहतें है। आप चाहे, तो अपना वेब पेज क्रिएट वहां भी अपनी साउंड क्लिपिंग्स अपलोड कर सकतें हैं आजकल लोग ज्यादातर वेबसाइट के जरिये ही डबिंग या वॉयस आर्टिस्ट की हायरिंग कर रहें हैं।



ऑपरट्यूनिटीज

बात चाहे वीडियो गेम्स की हो, ऐप, इंटरनेट पब्लिशिंग की, हर जगह वॉयस ओवर या डबिंग आर्टिस्ट्स की डिमांड देखी जा रही है। फ़िल्म और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में खैर इनकी मांग बढ़ती जा रही है। यहां पर कॉन्ट्रैक्ट बेसिस या फ्रीलांसर की तरह काम किया सकता है
शुरुआत भले ही कम पैसे हो लेकिन डेडिकेशन परफॉर्मेंस और अच्छे ब्रेक्स के साथ कीमत बढ़ जाती है।

डबिंग आर्टिस्ट की जुबानी इसकी कहानी

दोस्तों मैने नॉडी, निन्जा हट्टोरी जैसे जैसे पॉपुलर कैरेक्टर्स के अलावा बॉलीवुड और हॉलीवुड फिल्मों के किरदारों को अपनी आवाज दी है। 25 साल के कैरियर में अब काम थोड़ा स्मूथ हो गया है, निश्चित तौर पर आज भी बहुत चैलेंजिंग है। एक ही आवाज ही नहीं, बल्कि आपको एक बेहतरीन आर्टिस्ट भी होना होगा। आज लोग इसे फुलटाइम कैरियर बना रहे हैं। यदि यह पैशन है तो इंजॉय करें और खूब प्रैक्टिस करें। आप बेशक़ औरों से बेहतर होते जाएंगे और अच्छे ऑफर भी मिलते रहेंगे।

-मेघना एरंडे, डबिंग आर्टिस्ट, मुंबई


-मेघना एरंडे, डबिंग आर्टिस्ट, मुंबई



टॉप इंस्टिट्यूटस

वॉयस ट्रेनिंग सेंटर, मुंबई
www.indian-voice-overs.com/

जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशन, मुम्बई
www.xaviercomm.com/

एशियन एकेडमी ऑफ फ़िल्म एन्ड टेलीविजन,नोएडा
www.aaft.com/

मुंबई फ़िल्म एकेडमी,मुंबई
www.mumbaifilmacademy.com/

आर.के.फिल्म्स ऐंड मीडिया एकेडमी,दिल्ली
www.rkfma.com/

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Team Akanksha

Friday, 13 April 2018

किताबों का साथ, लीडरशिप की शुरुआत

किताबों का साथ, लीडरशिप की शुरुआत

आत्म साधना का एक महत्वपूर्ण और बेहद आसान तरीका है हर रोज कुछ मोटिवेशनल और मूल्यवान पुस्तकों का अध्ययन. अध्ययन आपको एक नई ऊंचाई प्रदान करता है, क्योंकि ज्ञान ही असली ताकत है। अध्ययन से अनूठे विचार जन्म लेतें
हैं, जो आपको जीवन में बहुमुखी बनाने में सहायक होते हैं। महत्वपूर्ण है, ऐसे विचारों से परिपूर्ण होना जो आपमें सकारात्मक सोच को जन्म देते हैं।  आप स्वयं पर किसी तरह की सीमाएं न लगाएं।


दुनिया में इस तरह की गलतियाँ की जा चुकी हैं, इनका समाधान पुस्तकों में मिलता है। ऐसे में ये गलतियाँ करनी जरूरी है? अब यही करना बाकी रह गया है कि जीवन को आसान बनायें, न कि मुश्किल. पढ़ने की आदत सचमुच में आपके यह कर सकता है। स्वयं को उन्नति के पथ पर आगे ले जाने के लिए अपनी खुद की लाइब्रेरी बनाएं, इसकी शुरुआत इन कुछ किताबों से कर सकतें है


1. थिंक एन्ड ग्रो रिच- नेपोलियन बोनापार्ट

2. द ऑटोबायोग्राफी ऑफ बेन फ्रैंकलिन

3. द पवार ऑफ द सब कांशस माइंड- डॉ. जोसेफ मर्फी

4. द पावर ऑफ पॉजिटिव थिंकिंग-रेव नॉर्मन विंसेट पील

5.  सिद्धार्थ हर्मन हेस

6.  द स्टोरी ऑफ माई एक्सपिरिमेंट्स विद टूथ- महात्मा गांधी

7. ऐज़ ए मैन थिंक्थ- जेम्स एलन

8. द पर्सूट ऑफ हैप्पीनेस- डेविड मेयर्स

9. हाउ टू विन फ्रेंड्स एंड इंफ्लुएंस पीपल- डेल कार्नेगी

10. द मैजिक ऑफ बीलिविंग- क्लाड ब्रिस्टल

11. मेन आर फ्रॉम मार्स, वुमेन आर फ्रॉम व्हिनस- जॉन ग्रे

12. प्रेम की पाँच भाषाएँ

13. लोक-व्यवहार में कुशलता- लेश गिबलिन

14. मित्रता फ महत्व- एलन रॉय

15. पर्सनॉलिटी प्लस- लिटौर

16. सेवन हैबिट्स ऑफ हायली इफेक्टिव पिपुल-  स्टीफन कवी

17. शिखर पर मिलेंगे- जिग जिग्लर

18. स्टॉप थिकिंग स्टार्ट लिविंग- डेल कार्नेगी

19. मुश्किलें हमेशा हारती है, संघर्ष करने वाले जीतते हैं- रोबेर्ट शूलर

20. बड़ी सोच का बड़ा जादू- डेविड जे स्वॉर्ट्ज

21. जीत आपकी-  शिव खेड़ा

22. दुनिया का महान चमत्कार- ऑग मैंडिनो

23. सन्यासी जिसने अपनी सम्पति बेच दी- रॉबिन शर्मा

24. लक्ष्य- ब्रायन ट्रेसी

25. रिच डैड पुअर डैड- रोबर्ट टी. कियोसाकी


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Team Akanksha

Thursday, 12 April 2018

सम्मान देना सीखें

कुछ लोग दिल से तो अपने आसपास के लोगों का बहुत आदर करतें हैं, पर उनके सामने अपनी भावनाएं प्रदर्शित नहीं कर पाते.

इससे अक्सर ये लगता है उन्हें किसी की परवाह नही है, वे बदमिजाज हैं, जबकि हकीकत में वे अपने करीबियों से बहुत प्रेम करते हैं, अक्सर उनके सम्मान के लिए दूसरों से लड़ भी जाते हैं. नीचे दी गई बातें ऐसे लोगों के लिए मददगार साबित हो सकती है

अपने व्यवहार-हावभाव से शिष्ट दिखें. कोई बात पसंद न आने पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय चुप रहें।

ध्यान से बात सुनें. बीच-बीच में यह दर्शाएं कि आपको उनकी बातें रुचिकर लग रहीं हैं. कई बार बात पर ध्यान न देने से व्यक्ति यह समझता है कि उसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा.

अगर आपसे कोई गलती हो जाए तो तुरंत अपनी गलती के लिए माफी मांगे. इससे विनम्रता दिखेगी.
हमेशा सामने वाले व्यक्ति की सोच और विचारों का सम्मान करें.

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ब्यूटी एक्सपर्ट- पैसे और ग्लैमर वाला कैरियर



आज जैसे-जैसे लग्जरी लाइफ बढ़ रही है वैसे-वैसे कैरियर के नए विकल्प बनते जा रहें हैं। आज  हम आपसे बात करेंगे एक ऐसे कैरियर के बारे में जिसमे न सिर्फ पैसा, ग्लैमर है बल्कि बहुत सारा एन्जॉयमेंट भी है।


ब्यूटी एक्सपर्ट आज हर किसी की जरूरत है चाहे वो जेंट्स या लेडीज हर किसी को अपने चेहरे को तरोताजा और लाइमलाइट में रखने का शौक है।
आइये जानते है एक ब्यूटी एक्सपर्ट बनने किन चीजों को अपने अंदर लाना पड़ता है

चेहरे की समझ
ब्यूटी एक्सपर्ट के अंदर के इस बात की पूरी समझ होनी चाहिए कि कौन सा चेहरा कैसा है क्योंकि गलत चेहरे के टाइप पर गलत ट्रीटमेंट यूज करने से बहुत ज्यादा नुकसान हो सकता है.


कास्मेटिक की अच्छी परख
इस इंडस्ट्री में कॉस्मेटिक की बहुत ज्यादा जरूरत होती है जिस तरह से एक ब्यूटी एक्सपर्ट को चेहरे के बारे में सही ढंग से पता होना चाहिए उसी तरह कॉस्मेटिक की सही ढंग से पहचान होनी चाहिए.


ट्रेनिंग
इसके लिए आप बहुत सारे ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट होते है जो आपको डिप्लोमा कोर्स कराते हैं. लेकिन इस फील्ड में एक्सपीरियंस सब भारी पड़ता है. यहां पर सही समझ सबकुछ होता है.

ग्लैमर का रास्ता
आज एक एक्सपर्ट की मांग एक सेलेब्रिटी की तरह है. जावेद हबीब इसके एक उदाहरण है. यहां पर अपने मन के मालिक होते हैं. अपने हिसाब से अपना चार्ज कर सकतें है. अपने हिसाब से काम का समय निर्धारित कर सकतें है.

इनकम के मौके
इस फील्ड में इनकम के मौके असीमित हैं और मौकों की भरमार है. इस फील्ड में आपका सही हुनर आपको पैसो की कोई कमी नही होने देता है. शुरुआत में आप 15000-20000 रुपये कम सकतें है


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Team Akanksha

पर्सनल ब्राडिंग पर भी ध्यान दें


आज का टाइम बहुत ज्यादा कम्पटीशन और चैलेंजेस से भरा हुआ है। इस समय सही जॉब सिर्फ आपके अंदर स्किल होने से नही बल्कि एक सही नेटवर्किंग की वजह से भी मिलती है।



इस समय आप खुद एक ब्रांड है और आपका मार्केट आपके घर के बाहर ही शुरू हो जाता है. अगर आप खुद की बेहतर बॉन्डिंग नही करतें तो उन कम्पनियों की तरह आप पीछे हो जाएंगे जो प्रॉडक्ट के अलावा ब्राडिंग पर फोकस नही करती हैं

सही ढंग से  नेटवर्किंग करने वाले इंसान के पास कभी भी जॉब और मौकों की कोई कमी नही होती है इसलिए आज हर बड़े इंसान के पास अपने ढंग का नेटवर्क होता है।
आइये आपके को कुछ टिप्स बतातें है जो आपकी काफी मदद करेंगे पर्सनल करने पर!

आप अपने शहर में अपने फील्ड के लोगों से सीधे मिलकर उनसे जान-पहचान बढ़ा सकतें है इससे उनके सामने आपकी प्रोफाइल हमेशा रहेगी। इसके लिए आप लोकल न्यूजपेपर या चैम्बर ऑफ कॉमर्स की काफी मदद ले सकते हैं।

आप अपने साथ प्रोफेशनल के साथ बढ़ाने के लिए किसी ऐसे ग्रुप को जॉइन कर सकते है जिसमे आपके फील्ड के प्रोफेसनल जातें जैसे लायन्स क्लब, रोटरी क्लब, चैरिटी संस्था, गोल्फ क्लब, पब्लिक सेमिनार आदि।

आप लिंक्डइन पर प्रोफाइल बनाकर बहुत सारे अपने फील्ड के प्रोफेसनल जुड़ सकतें है और उसी फील्ड के बहुत सारी कम्पनीज से भी जुड़ सकतें हैं।

आप अपने शहर या आस-पास के शहर के फील्ड सफल आदमियों से सम्पर्क कर सकते हैं इसके लिए आपको उनको मेल कर सकते हैं। क्योंकि अगर वो उसी फील्ड में सफल है तो कुछ न कुछ आपको सिखा सकतें हैं।

आप सही ढंग से अपने सोशल नेटवर्किंग साइट्स का उपयोग करके भी कर सकते हैं


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Team Akanksha

Wednesday, 11 April 2018

बैकग्राउंड बनाइये अपनी ताकत



अक्सर छोटे शहर से बड़े शहर आये युवा अपने इनवायरमेंट, पर्सनालिटी और व्यवहार को लेकर परेशान रहतें हैं। उन्हें लगता है कि डिज़ाइनर कपड़ें न पहनने, इंग्लिश ढंग से न बात करने, हाई-फाई बातें न कर पाने की वजह से ऑफिस में भी उन्हें पर्याप्त मौके नहीं मिलते. वे फ्रंटलाइन में नहीं आ पाते। ऐसा सोचना गलत है, क्योंकि


शहरी होने से न तो आपका महत्व बढ़ता है और न ही देहाती होने से आपका कद घटता है. किसी भी जगह आपका काम और व्यक्तित्व आपको महत्व दिलाता है. इसलिए इन सब बातों से परेशान होने की बजाय अपनी पर्सनालिटी को तराशिए और अपनी वर्किंग कैपेसिटी बढाइये. कुछ और बातें हम आपसे शेयर कर रहें इन्हें ध्यान देकर आप बदल सकतें हैं.

सबसे पहले आप भूल जाइए की आप छोटे से शहर स आएं है. आपका पहनावा एवं व्यवहार बड़े शहर के अनुकूल नहीं है. इन बातों से परेशान होने के बजाय छोटे शहर के बैकग्राउंड को अपनी ताकत बनाइये. जैसे अगर आप क्षेत्रीय बोली जानते हैं तो समझिए आप दूसरों से ज्यादा योग्य है. आपके पास अतिरिक्त योग्यता है.

हो सकता है कि ऑफिस में आपके कलीग इकोनॉमिकल रूप से ज्यादा सम्पन्न हों. उनके बेहतर स्थिति से परेशान होने के बजाय अपनी इनकम बढ़ाने पर ध्यान दीजिए. ज्यादा काम कीजिए. खतरे उठाइये और आगे बढिए.

दफ्तर में अपने परिवार की स्थिति के बारे में गलतबयानी न करें. अगर आपके घर कपड़े का व्यापार होता है तो उस पर गर्व के कीजिये और सम्मान के साथ उसके बारे में दूसरों को बताइये.अपने घर के आकार-प्रकार, इंटिरियर के बारे में दूसरों बातचीत करने के बजाय घर के माहौल एवं परिवार से मिले संस्करों की चर्चा कीजिए।

जिस शहर में आप बस रहें है वहां के खानपान एवं पहनावे का सम्मान कीजिए. लेकिन उस आगे अपने खानपान और पहनावे को बेकार न समझिए.

अगर किसी समारोह में आप शामिल हो रहें है तो गर्व से बताइए कि आप अमुक जगह के रहने वालें हैं और वहां की यह खासियत है.

अपने परिवार या शहर के नामचीन लोगों पर गर्व कीजिये, अहंकार नही।

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Team Akanksha

बातचीत को बनाए प्रभावशाली

बातचीत इस सृष्टि को बढ़ाने में जितना कारगर शायद उतना कुछ नही. बातचीत से ही पता चलता है हम क्या चाहतें है? हमारे अंदर के इमोशन्स क्या हैं? और कहां और किसके साथ हम कम्फर्ट हैं?

सरल भाषा, सहज अंदाज, सही शब्द चयन और आवाज का उचित उतार-चढ़ाव आदि कुछ ऐसी बातें हैं, जिन पर ध्यान देकर आप बातचीत को प्रभावशाली बना सकतें हैं. प्रभावशाली बातचीत लिए कुछ बातें

● बातचीत हमेशा आराम-आराम से और साफ आवाज में करनी चाहिए. न तो जल्दी-जल्दी बोलना चाहिए और न ही जोर-जोर से चिल्लाना चाहिए.

● कम से कम शब्दों में अपनी बात कहनी चाहिए और महत्वपूर्ण बात पर जोर देना चाहिए.

● बहुत कठिन शब्दों का इस्तेमाल नही करना चाहिए. शब्द चयन हमेशा सामने वाले व्यक्ति की समझ के मुताबिक होना चाहिए.

● बात करते समय 'ओह' , 'श....' आदि शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए. यह बातचीत को उसी तरह बेमज़ा करतें हैं, जैसे खाना खातें वक़्त मुंह मे कंकड़ आ जाता है.

● बात को प्रभावशाली बनाने के लिए कोई रिलेटेड कोई छोटा-सा किस्सा या प्रसंग सुना सकते हैं

● कहतें है आंखें झूंठ नही बोलती इसलिए जिस भी व्यक्ति से बात कर रहें है उससे आंख मिलकर बात करनी चाहिए.

● बातचीत के दौरान सहज और विनम्र रहना चाहिए. आक्रामक अंदाज आपसी प्रेम को कम कर देता है.

● सामने वाला व्यक्ति जिस भाषा में सुविधाजनक महसूस करें, उसी में बात करनी चाहिए.

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Team Akanksha

बदलिए खुद को समय के साथ

कहतें है रुका हुआ पानी भी एक दिन सड़ जाता है तो हमारा भी हो सकता है कुछ ऐसा ही.
जिदगी की इस दौड़ में बने रहने के लिए हमें खुद को समय के हिसाब से अपडेट करतें रहना पड़ेगा। बदलाव न सिर्फ हमारे पर्सनालिटी में नयापन लातें है बल्कि हमारे अंदर पॉजिटिव एनर्जी भी लातें है। अगर हम गौर करें  तो घर-स्कूल-कॉलेज से लेकर ऑफिस तक उन्हीं लोगों को जिमेदारी मिलती है, जिनका व्यक्तित्व ताजगी से भरपूर होता है और जिनमे लोगों को प्रभावित करने क्षमता होती है। इसलिए खुद को समय के हिसाब से अपडेट करतें रहें. इसमें नीचे लिखी हुई कुछ बातें आपके लिए मददगार हो सकती है

स्टाइल

एक ही स्टाइल से अगर आप बोर हो रहें है टोनिसे थोड़ा बदलिए। अगर हल्के रंग पसन्द करतें है तो थोड़ा कलरफुल कपड़े पहनिए. हेयरस्टाइल चेंज कीजिये. फैशनेबल फुटवेयर को अपनी वॉर्डरोब में जगह दीजिये. ड्रेस के साथ मैचिंग एक्सेसरीज भी पहनिए. इन तरीकों को अपनाते ही आप बदले-बदले नजर आएंगे।

बातचीत का अंदाज

बातचीत का ढंग में भी थोड़ा नयापन लाइए. नमस्ते की जगह गुड़ मॉर्निंग कहिये. बीच-बीच मे इंग्लिश के कुछ हाई प्रोफाइल वर्ड यूज करिये। कभी-कभी कोई कविता की पंक्ति या चुटकुला सुनाइये। इससे आपकी नई इमेज बनेगी।

नजरिया

जिंदगी के प्रति अपना नजरिया बदलिए। सोच सकारात्मक रखिये। क्योंकि हमारे ही हांथ में होता है कि रास्ते चलते वक़्त हम सितारे देखना चाहते हैं या कीचड़।

कुछ नया सीखें

आज का दिनन ऐसा जहां पर हर दिन कोई न कोई हमें पीछे करने आ रहा है। आज कम्पटीशन सिर्फ दो कम्पनी के बीच ही नही बल्कि दो लोगों के बीच भी है.
इसलिए हमें हर दिन समय निकालकर अपने काम से रिलेटेड कुछ-कुछ नया सीखते रहना पड़ेगा.

पढतें रहिये

एक कहावत है
'सभी पढ़ने वाले लीडर्स नही है लेकिन सभी लीडर्स पढ़ाकू हैं'
अगर आप दुनिया के खुश और सम्पन लोगों की लिस्ट में एक चीज कॉमन मिलेगी और वो है उनकी पढ़ने की आदत।
अगर आप औसत हर दिन 30 मिन्ट्स किताब पढ़ते है तो साल भर में लगभग 6 नई किताब पढ़ सकते है और एक अनुमान के हिसाब अगले 10 साल में आप अपने जेनरेशन से काफी आगे हो जाएंगे.

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Team Akanksha

क्यों गलत कैरियर का चुनाव हो जाता है?

हम अपना कैरियर अपने पसंद के हिसाब से उन निर्णयों के आधार पर बनाते हैं जो हमे लगता है कि हमारे पसंद के कैरियर से मेल खाता है। कभी- कभी उसकी वजह से हमें सहीं ढंग से न जॉब मिलती है और न ही हम खुश हो पाते हैं। हमारा पूरा जीवन हमारे निर्णयों पर आधारित होता है

क्या आपने एक ऐसा कैरियर बनाया है जो आपके लिए सही नही है? या अपने कैरियर की राह सही चुनी है लेकिन जो जॉब आपके पास है वो आपके क्वालिफिकेशन्स और विशेषता के हिसाब से नही है. जिसकी वजह से आप अपनी क्षमता को सही ढंग से नही दिख पा रहें है और आपके लिए एक अच्छा रिजल्ट भी नही मिल रहा है.
इस वजह से कहीं आपकी दिलचस्पी उस जॉब से जुड़ी किसी नई स्किल्स को सीखने का भी नही होता है और न उसमे कोई मोटिवेशन होता है.

गलत कैरियर चुनाव करने के क्या-क्या रिजल्ट आतें हैं? तो चलिए जानतें है गलत कैरियर के पीछे के कारणों को जिस पर खुद लोग अपने आपको ले जातें है.

खुद की ताकत और टैलेंट के बारे में न पता लगा पाना

सबसे बेसिक कारण लोगों का अपने करियर में पीछे होना उनका अपने बारें में न पता होना होता है. जब हमें खुद ही नही पता कि कौन सी खूबियां हममें है तो कैसे आगें बढ़ सकते हैं. हमें पता ही नही है कि कौन सा काम करने में हमे मजा आता है और उसे करते रहने का मन करता है.
इसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है खुद की व्यक्तिगत ताकत और और कमजोरियों को जानना ताकि हम जान सकें कि कौन सा कॅरियर हमारे पर्सनालिटी के लिए एकदम परफेक्ट है. क्योंकि जिस काम मे हमें करने में अच्छा लगता है वह सक्सेस के लिए सबसे परफेक्ट रास्ता है.

गलत गाइडेंस

हमारे लिए खुद की काबिलियत पर विश्वास करना सही कैरियर के ताले की चाबी है. इसके अभाव में हम गाइडेंस की बहुत ज्यादा जरूरत पड़ती है इसलिए हम अपने आस पास के लोगों से उसके बारे पूंछने लगते हैं जहां से सही के बजाय अक्सर गलत गाइडेंस मिलती है. इसलिए गाइडेंस लेने से पहले यह सोच लेना जरूरी है कि वह उस लायक  है कि हमे बता सके कि क्या सही है और क्या गलत?

खुद की बजाय भीड़ को सुनना और उसका पीछा करना

यह सही है कि हम सबको हमारे प्रोफेसनल जिंदगी के कई पड़ावों पर गाइडेंस की जरूरत पड़ती है, लेकिन अगर किसी और के सपनों या पॉपुलर ट्रेंड्स  से प्रभवित हैं बजाय खुद के अंदर उठने वाली आवाज की तुलना में तो हमारे लिए खतरे की घंटी बज रही है।
लोगों का पीछा करने के बजाय खुद को इस बात के लिए समझिए कि क्या वास्तव में आपके लिए बेहतर है और उस पर जुट जाइये बाकी सारी चीजें अपने आप आपके पास जाएंगी।
क्योंकि अंधाधुंध किसी का भी पीछा करना अक्सर हमें गड्ढे में ले जाता है इसलिए भीड़ की बजाय खुद को सुनना बहुत जरूरी होता है। हम सबने थ्री इडियट्स के फरहान इस डायलॉग पर ताली बजायी थी,'अब्बू, मैं कम पैसे कमाऊंगा, छोटा घर होगा, सस्ती कर होगी लेकिन मैं आपको और खुद को खुश महसूस करूँगा.'
लेकिन हम कई बार भीड़ की बहुत बुरी तरह पीछा करते हैं और खुद को मिटा देतें हैं।

डर

अक्सर शुरुआत में ही हमें पता होता है कि कौनसा कैरियर हमारे लिए बेहतर है लेकिन इस पर काम करने के बजाय हम काम नही करते हैं इस डर से नही करते हैं कि हमारा नाम नही होगा, हमें कम पैसे मिलेंगे, हम अगर फेल हो गए तो.... अपने कैरियर के गोल में डर ला देने की वजह हम अपने आपको वहीं खुद को रोक देतें है जहां से सफलता नही असफलता का रास्ता शुरू होता है. हम खुद को रोक देतें है अपने कैरियर में सफलता की उड़ान भरने से और उसको इंजॉय करने से भी। और इस वजह से जिन्दगी में इस तरह के निर्णय लेने से बाद में कैरियर में असंतुष्टि और मोटिवेशन कि कमी आ जाती है।

दृढ़ता की कमीं

एक बेहतर करियर बनाने के लिए धैर्य और दृढ़ता की जरूरत होती है. काम करना जरूरी नही होता है बल्कि उस पर लगे रहना बहुत जरूरी होता है. जल्दी सक्सेस पाने के लिए बहुत सारे शॉर्टकट्स लेनें लगते हैं जिससे जॉब की सिक्योरिटी भी खत्म होने लगती है और जॉब में मन भी नही लगता है। जिस काम को पसंद किए उसको समय दें अक्सर बहुत कुछ समय लेकर आता है

यह कुछ कारण हैं जिसकी वजह से लोग गलत कैरियर का चुनाव करतें है और बुलंदियों पर नही पातें हैं. यह सब समझकर कोई भी एक सही कैरियर केवल न चुनाव कर सकता है बल्कि उसको इंजॉय भी कर सकता है

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Team Akanksha

Monday, 9 April 2018

व्हाट्सएप के ये खास फीचर्स बना देंगे आपको और भी स्मार्ट

व्हाट्सएप पूरी दुनिया मे पापुलर है और इसकी वजह हर दिन इस एप को यूजर फ्रेंडली बनाना भी है। व्हाट्सएप में ऐसे बहुत सारे फीचर्स है जो इसको और भी ज्यादा इंटरेस्टिंग बना रहें हैं।
आइये जानते हैं व्हाट्सएप के कुछ फीचर्स


पढ़ें 'अनरीड' मैसेज

व्हाट्सएप ने '@' मेंशन बटन भी जारी किया है इस बटन की मदद से यूजर्स उन मेसेजस को आसानी से पढ़ सकते है जिन्हें वो अभी न पढ़ पाए हो. इस बटन पर टैप करने के बाद यूजर्स किसी ग्रुप में उन्हें टैग किया हुआ मैसेज पढ़ सकेंगे. यह फीचर अभी सिर्फ 'आईओएस' यूजर्स के अवेलेबल है पे कम्पनी जल्द इसे एंड्रॉयड यूजर्स के लिए भी शुरू कर सकता है.

मेसेज को बनाएं 'स्टार'

जैसे आप लैपटॉप या फोन में बुकमार्क बनाते हैं, वैसे ही व्हाट्सएप मैसेज को भी बुकमार्क बना सकते हैं. ऐसा मैसेज जो आपके लिए जरूरी है उसे एप में सबसे ऊपर रख सकते हैं.
मैसेज को स्टार मेसेज बनाने के लिए व्हाट्सएप के होम स्क्रीन पर जाएं, जो मेसेज सबसे ज्यादा अहम हो उसे टैप करके कुछ देर दबाएं रखें. स्क्रीन पर ऊपर एक स्टार 'आइकन' दिखाई देगा, इसपर टैप कर दें.

ब्लू टिक हटाएं

व्हाट्सएप ने कुछ वक्त पहले 'ब्लू टिक' फीचर लॉन्च किया था. इसकी मदद से यूजर्स जान पाते हैं उनके मैसेजेस को पढ़ा गया है या नही. हालांकि, कई लोगों के लिए यह फीचर परेशानी भी बन गया था क्योंकि वे नही चाहते कि किसी को पता चले कि उन्होंने उनका मैंसेज पढ़ा है या नही. ऐसे में इस फीचर को बंद भी कर सकते हैं. व्हाट्सएप सेटिंग्स में जाएं, यहां आपको अकाउंट ऑप्शन दिखाई देगा, वहां टैप करें फिर 'रीड रिसिप्ट्स' में जाएं और फीचर को बंद कर दें. याद रखें, ऐसा करने पर आपको भी अपने भेजे मेसेज पर नीले रंग का टिक नही दिखेगा.

बचाएं फोन का डाटा

'लिमिट डाटा यूसेज' फीचर के मदद से अब आप अपने फोन के डाटा को बचा सकते हैं. आप 'लो डाटा यूसेज' का इस्तेमाल करके व्हाट्सएप कॉल के दौरान डाटा बचा पाएंगे।
नोटिफिकेशन सेटिंग्स
इस फीचर की मदद से अलग-अलग यूजर्स के लिए अलग नोटिफिकेशन सेट कर सकते हैं. इसकी मदद से आप बिना फोन को हाथ लगाए जान पाएंगे कि किसने आपको मैसेज किया है और आपके लिए उसे तुरंत पढ़ना जरूरी है या नही.

ऐसे होगा मैसेज 'म्यूट'

कई बार ऐसा होता है कि व्हाट्सएप पर न चाहते हुए भी कई ग्रुप्स का हिस्सा बन जातें हैं, ऐसे में 'म्यूट' फीचर काम आ सकता है. इस फीचर की मदद से आप किसी भी ग्रुप या शख्स को 'म्यूट' कर सकते हैं, जिसके बाद आपके म्यूट किये अकाउंट के नोटिफिकेशन से छुटकारा मिल जाएगा. आप एप में टाइम लिमिट भी सेट कर सकते हैं.

पेमेंट फीचर

व्हाट्सएप के पेमेंट फीचर का यूजर्स के लंबे वक़्त से इंतजार था. इंडिया के 'यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई)' पर बेस्ड व्हाट्सएप का पेमेंट फीचर 'आईओएस और एंड्राइड, दोनो पर अवेलेबल है. पेमेंट का ऑप्शन व्हाट्सएप की सेटिंग्स में दिखाई देगा. इससे यूजर्स डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर कर सकते हैं.

डिलीट फ़ॉर एवरीवन

व्हाट्सएप ने बीते कुछ सालों में जिन फीचर्स को लॉन्च किया है, उनमें से 'डिलीट फ़ॉर एवरीवन' कुछ सबसे शानदार फीचर्स में से एक है. इसके जरिए व्हाट्सएप यूजर्स एंड्राइड या फिर ' आईओएस' पर ग्रुप चैट या पर्सनल मैसेज पर भेजे गए मैसेजेस को डिलीट कर सकते हैं. 'डिलीट फ़ॉर एवरीवन' फीचर के इस्तेमाल से यूजर अपने और मैसेज पाने वाले शख्स के फोन से अपने किये गए मेसेजेस डिलीट कर सकते हैं.

लिखें अलग और क्रिएटिव

जैसे किसी भी वर्ड या सेंटेंस को बोल्ड करना हो तो उन्हें 'स्टार(*) के बीच मे रखें.
अगर आप व्हाट्सएप के मेसेजेस लिखते हुए क्रिएटिव लिखना चाहते है तो उन्हें '```' के बीच मे लिखें.
इस तरह अगर अगर कुछ और कभी बदलाव करना चाहे तो '~' के बीच मे लिखकर कर सकते हैं.

Thanks
Team Akanksha