अच्छी सेहत और स्वास्थ्य आहार के तालमेल के मद्देनजर वर्तमान माहौल में न्यूट्रिशनिस्ट/डायटीशियन की काफी मांग है
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Team Akanksha
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| वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी: कैरियर के लिए बेहतर विकल्प |
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आवाज में है जादू तो बन सकते है डबिंग आर्टिस्ट |
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| -मेघना एरंडे, डबिंग आर्टिस्ट, मुंबई |
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| किताबों का साथ, लीडरशिप की शुरुआत |
बातचीत इस सृष्टि को बढ़ाने में जितना कारगर शायद उतना कुछ नही. बातचीत से ही पता चलता है हम क्या चाहतें है? हमारे अंदर के इमोशन्स क्या हैं? और कहां और किसके साथ हम कम्फर्ट हैं?
सरल भाषा, सहज अंदाज, सही शब्द चयन और आवाज का उचित उतार-चढ़ाव आदि कुछ ऐसी बातें हैं, जिन पर ध्यान देकर आप बातचीत को प्रभावशाली बना सकतें हैं. प्रभावशाली बातचीत लिए कुछ बातें
● बातचीत हमेशा आराम-आराम से और साफ आवाज में करनी चाहिए. न तो जल्दी-जल्दी बोलना चाहिए और न ही जोर-जोर से चिल्लाना चाहिए.
● कम से कम शब्दों में अपनी बात कहनी चाहिए और महत्वपूर्ण बात पर जोर देना चाहिए.
● बहुत कठिन शब्दों का इस्तेमाल नही करना चाहिए. शब्द चयन हमेशा सामने वाले व्यक्ति की समझ के मुताबिक होना चाहिए.
● बात करते समय 'ओह' , 'श....' आदि शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए. यह बातचीत को उसी तरह बेमज़ा करतें हैं, जैसे खाना खातें वक़्त मुंह मे कंकड़ आ जाता है.
● बात को प्रभावशाली बनाने के लिए कोई रिलेटेड कोई छोटा-सा किस्सा या प्रसंग सुना सकते हैं
● कहतें है आंखें झूंठ नही बोलती इसलिए जिस भी व्यक्ति से बात कर रहें है उससे आंख मिलकर बात करनी चाहिए.
● बातचीत के दौरान सहज और विनम्र रहना चाहिए. आक्रामक अंदाज आपसी प्रेम को कम कर देता है.
● सामने वाला व्यक्ति जिस भाषा में सुविधाजनक महसूस करें, उसी में बात करनी चाहिए.
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Team Akanksha
कहतें है रुका हुआ पानी भी एक दिन सड़ जाता है तो हमारा भी हो सकता है कुछ ऐसा ही.
जिदगी की इस दौड़ में बने रहने के लिए हमें खुद को समय के हिसाब से अपडेट करतें रहना पड़ेगा। बदलाव न सिर्फ हमारे पर्सनालिटी में नयापन लातें है बल्कि हमारे अंदर पॉजिटिव एनर्जी भी लातें है। अगर हम गौर करें तो घर-स्कूल-कॉलेज से लेकर ऑफिस तक उन्हीं लोगों को जिमेदारी मिलती है, जिनका व्यक्तित्व ताजगी से भरपूर होता है और जिनमे लोगों को प्रभावित करने क्षमता होती है। इसलिए खुद को समय के हिसाब से अपडेट करतें रहें. इसमें नीचे लिखी हुई कुछ बातें आपके लिए मददगार हो सकती है
स्टाइल
एक ही स्टाइल से अगर आप बोर हो रहें है टोनिसे थोड़ा बदलिए। अगर हल्के रंग पसन्द करतें है तो थोड़ा कलरफुल कपड़े पहनिए. हेयरस्टाइल चेंज कीजिये. फैशनेबल फुटवेयर को अपनी वॉर्डरोब में जगह दीजिये. ड्रेस के साथ मैचिंग एक्सेसरीज भी पहनिए. इन तरीकों को अपनाते ही आप बदले-बदले नजर आएंगे।
बातचीत का अंदाज
बातचीत का ढंग में भी थोड़ा नयापन लाइए. नमस्ते की जगह गुड़ मॉर्निंग कहिये. बीच-बीच मे इंग्लिश के कुछ हाई प्रोफाइल वर्ड यूज करिये। कभी-कभी कोई कविता की पंक्ति या चुटकुला सुनाइये। इससे आपकी नई इमेज बनेगी।
नजरिया
जिंदगी के प्रति अपना नजरिया बदलिए। सोच सकारात्मक रखिये। क्योंकि हमारे ही हांथ में होता है कि रास्ते चलते वक़्त हम सितारे देखना चाहते हैं या कीचड़।
कुछ नया सीखें
आज का दिनन ऐसा जहां पर हर दिन कोई न कोई हमें पीछे करने आ रहा है। आज कम्पटीशन सिर्फ दो कम्पनी के बीच ही नही बल्कि दो लोगों के बीच भी है.
इसलिए हमें हर दिन समय निकालकर अपने काम से रिलेटेड कुछ-कुछ नया सीखते रहना पड़ेगा.
पढतें रहिये
एक कहावत है
'सभी पढ़ने वाले लीडर्स नही है लेकिन सभी लीडर्स पढ़ाकू हैं'
अगर आप दुनिया के खुश और सम्पन लोगों की लिस्ट में एक चीज कॉमन मिलेगी और वो है उनकी पढ़ने की आदत।
अगर आप औसत हर दिन 30 मिन्ट्स किताब पढ़ते है तो साल भर में लगभग 6 नई किताब पढ़ सकते है और एक अनुमान के हिसाब अगले 10 साल में आप अपने जेनरेशन से काफी आगे हो जाएंगे.
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Team Akanksha
हम अपना कैरियर अपने पसंद के हिसाब से उन निर्णयों के आधार पर बनाते हैं जो हमे लगता है कि हमारे पसंद के कैरियर से मेल खाता है। कभी- कभी उसकी वजह से हमें सहीं ढंग से न जॉब मिलती है और न ही हम खुश हो पाते हैं। हमारा पूरा जीवन हमारे निर्णयों पर आधारित होता है
क्या आपने एक ऐसा कैरियर बनाया है जो आपके लिए सही नही है? या अपने कैरियर की राह सही चुनी है लेकिन जो जॉब आपके पास है वो आपके क्वालिफिकेशन्स और विशेषता के हिसाब से नही है. जिसकी वजह से आप अपनी क्षमता को सही ढंग से नही दिख पा रहें है और आपके लिए एक अच्छा रिजल्ट भी नही मिल रहा है.
इस वजह से कहीं आपकी दिलचस्पी उस जॉब से जुड़ी किसी नई स्किल्स को सीखने का भी नही होता है और न उसमे कोई मोटिवेशन होता है.
गलत कैरियर चुनाव करने के क्या-क्या रिजल्ट आतें हैं? तो चलिए जानतें है गलत कैरियर के पीछे के कारणों को जिस पर खुद लोग अपने आपको ले जातें है.
खुद की ताकत और टैलेंट के बारे में न पता लगा पाना
सबसे बेसिक कारण लोगों का अपने करियर में पीछे होना उनका अपने बारें में न पता होना होता है. जब हमें खुद ही नही पता कि कौन सी खूबियां हममें है तो कैसे आगें बढ़ सकते हैं. हमें पता ही नही है कि कौन सा काम करने में हमे मजा आता है और उसे करते रहने का मन करता है.
इसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है खुद की व्यक्तिगत ताकत और और कमजोरियों को जानना ताकि हम जान सकें कि कौन सा कॅरियर हमारे पर्सनालिटी के लिए एकदम परफेक्ट है. क्योंकि जिस काम मे हमें करने में अच्छा लगता है वह सक्सेस के लिए सबसे परफेक्ट रास्ता है.
गलत गाइडेंस
हमारे लिए खुद की काबिलियत पर विश्वास करना सही कैरियर के ताले की चाबी है. इसके अभाव में हम गाइडेंस की बहुत ज्यादा जरूरत पड़ती है इसलिए हम अपने आस पास के लोगों से उसके बारे पूंछने लगते हैं जहां से सही के बजाय अक्सर गलत गाइडेंस मिलती है. इसलिए गाइडेंस लेने से पहले यह सोच लेना जरूरी है कि वह उस लायक है कि हमे बता सके कि क्या सही है और क्या गलत?
खुद की बजाय भीड़ को सुनना और उसका पीछा करना
यह सही है कि हम सबको हमारे प्रोफेसनल जिंदगी के कई पड़ावों पर गाइडेंस की जरूरत पड़ती है, लेकिन अगर किसी और के सपनों या पॉपुलर ट्रेंड्स से प्रभवित हैं बजाय खुद के अंदर उठने वाली आवाज की तुलना में तो हमारे लिए खतरे की घंटी बज रही है।
लोगों का पीछा करने के बजाय खुद को इस बात के लिए समझिए कि क्या वास्तव में आपके लिए बेहतर है और उस पर जुट जाइये बाकी सारी चीजें अपने आप आपके पास जाएंगी।
क्योंकि अंधाधुंध किसी का भी पीछा करना अक्सर हमें गड्ढे में ले जाता है इसलिए भीड़ की बजाय खुद को सुनना बहुत जरूरी होता है। हम सबने थ्री इडियट्स के फरहान इस डायलॉग पर ताली बजायी थी,'अब्बू, मैं कम पैसे कमाऊंगा, छोटा घर होगा, सस्ती कर होगी लेकिन मैं आपको और खुद को खुश महसूस करूँगा.'
लेकिन हम कई बार भीड़ की बहुत बुरी तरह पीछा करते हैं और खुद को मिटा देतें हैं।
डर
अक्सर शुरुआत में ही हमें पता होता है कि कौनसा कैरियर हमारे लिए बेहतर है लेकिन इस पर काम करने के बजाय हम काम नही करते हैं इस डर से नही करते हैं कि हमारा नाम नही होगा, हमें कम पैसे मिलेंगे, हम अगर फेल हो गए तो.... अपने कैरियर के गोल में डर ला देने की वजह हम अपने आपको वहीं खुद को रोक देतें है जहां से सफलता नही असफलता का रास्ता शुरू होता है. हम खुद को रोक देतें है अपने कैरियर में सफलता की उड़ान भरने से और उसको इंजॉय करने से भी। और इस वजह से जिन्दगी में इस तरह के निर्णय लेने से बाद में कैरियर में असंतुष्टि और मोटिवेशन कि कमी आ जाती है।
दृढ़ता की कमीं
एक बेहतर करियर बनाने के लिए धैर्य और दृढ़ता की जरूरत होती है. काम करना जरूरी नही होता है बल्कि उस पर लगे रहना बहुत जरूरी होता है. जल्दी सक्सेस पाने के लिए बहुत सारे शॉर्टकट्स लेनें लगते हैं जिससे जॉब की सिक्योरिटी भी खत्म होने लगती है और जॉब में मन भी नही लगता है। जिस काम को पसंद किए उसको समय दें अक्सर बहुत कुछ समय लेकर आता है
यह कुछ कारण हैं जिसकी वजह से लोग गलत कैरियर का चुनाव करतें है और बुलंदियों पर नही पातें हैं. यह सब समझकर कोई भी एक सही कैरियर केवल न चुनाव कर सकता है बल्कि उसको इंजॉय भी कर सकता है
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Team Akanksha