Sunday, 13 May 2018

प्रोडक्ट डिजाइनर: प्रोडक्शन फील्ड में उभरता हुआ नया कैरियर


आपने कई बार जब बाजार में जातें है तो कई सारे प्रोडक्ट्स जैसे बच्चों के खिलौने से लेकर बड़ी बड़ी कारों की डिजाइन को देखकर आप चकित हो जातें हैं। आप जिधर भी नजर दौडाएंगे आपको एक से एक डिजाइनर और स्टाइलिश प्रोडक्ट मिल जायेंगे। ये सब चकित कर देने  वाले प्रोडक्ट्स प्रोडक्ट डिजाइनर बनातें हैं। जो अपनी इमैजिनेशन पॉवर और ब्यूटिसेन्स की बदौलत इन सारे प्रोडक्ट्स को बनातें हैं। इसलिए इंजीनियरिंग के इस ब्रांच का दबदबा बढ़ता जा रहा है और स्टूडेंट्स का भी रुझान इस ओर बढ़ रहा है।

वर्क प्रोफाइल

प्रोडक्ट डिजाइनर कमर्शियल प्रोडक्शन फर्मों के लिए प्रोडक्ट्स और मटेरियल डिजाइन करते हैं। किसी भी प्रॉडक्ट को डिजाइन करने से पहले ये उसकी विजुअल अपील और व्यवहारिक उपयोग का पूरा ध्यान रखतें हैं। एक प्रोडक्ट डिजाइनर को कार, डोमेस्टिक उपकरण, कंप्यूटर, मेडिकल उपकरण, ऑफिस या इंटरटेनमेंट के उपकरण, खिलौने आदि भी डिजाइन करना पड़ता है। उन्हें रिसर्च टीम, एडवरटाइजिंग टीम और प्रोडक्शन मैनेजर से बातचीत करने के अलावा ग्राफिक डिजाइनर के साथ भी करना होता है।

प्रोडक्ट डिजाइनर: प्रोडक्शन फील्ड में उभरता हुआ नया कैरियर

'स्किल इस इम्पॉर्टेन्ट'

प्रोडक्ट डिजाइनर को आर्टिस्टिक होने के साथ-साथ तार्किक रूप से सोचने वाला भी होना चाहिए। अगर आपके पास कुछ अलग और यूनिक आइडियाज होंगे, तभी अपनी अलग पहचान बना सकेंगे। इसी तरह आपकी ऑब्जरवेशन स्किल और विज़ुअल इमेजिनेशन भी बेहतरीन होनी चाहिए।आपको ड्राइंग के मीडियम से अपने आइडिया को व्यक्त करने और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के प्रोडक्शन और मार्केटिंग की समझ भी होनी चाहिए।

एलिजिबिलिटी एन्ड कोर्स

अगर आपके पास आर्किटेक्चर या इंजीनियरिंग में डिग्री होगी तो आप आईआईटी से इंडस्ट्रियल डिजाइनिंग में मास्टर डिग्री हासिल कर सकते हैं। इससे कैरियर के विकास बेहतर रहेगा। वैसे साइंस स्ट्रीम से 12वीं करने वाले नेशनल इंस्टीट्यूट डिजाइन का कोर्स कर प्रोडक्ट डिजाइनिंग के क्षेत्र में आ सकते हैं। हां, इसके लिए जेईई की परीक्षा पास करनी होगी। प्रोडक्ट डिजाइनर सेरामिक और फर्नीचर डिजाइन में स्पेशलाइजेशन भी कर सकते हैं। वैसे कई प्राइवेट इंस्टिट्यूट प्रोडक्ट डिजाइन से सम्बंधित कोर्स संचालित कर रहे हैं।

मौके और डिमांड

प्रोडक्शन फर्मों के डिजाइन डिपार्टमेंट में प्रोडक्ट डिजाइनरों  की अच्छी मांग होती है। आप इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट डिजाइनर, वॉच डिजाइनर, फुटवियर डिजाइनर, डिजिटल डिजाइनर आदि के रूप में कैरियर शुरू कर सकतें हैं। इसके अलावा चाहें तो कन्सल्टिंग फर्मों में भी काम कर सकतें हैं। जो लोग सेरामिक्स में स्पेशलाइजेशन रखतें हैं, उनके लिए टेबल वेयर, सैनिटरी वेयर, पॉटरी, डेकोरेटिव पोर्सलीन जैसे इंडस्ट्री में ढेरों मौके अवेलेबल हैं। बड़ी-बड़ी कार कम्पनियां समय-समय पर प्रोडक्ट डिजानरों की भर्ती करती रहतीं हैं। इस समय जब मेक इन इंडिया पर सरकार का इतना जोर है तो भारतीय प्रोडक्ट डिजाइनरों का इम्पॉर्टेन्ट और भी बढ़ जाता है।
अगर आप एंटरप्रेन्योरशिप में भी जातें है तो भी लम्बे समय के लिए फायदेमंद हो सकता है।

चैलेंजेस

एक डिजाइनर हमेशा इस तरह डिजाइन करता है जैसे वह खुद के लिए नही बल्कि अपने काम को अपने क्लाइंट के लिए करता है। साथ ही इस क्षेत्र में सक्सेस हासिल करने के लिए जरूरी है कि आप कुछ खास, नया और आकर्षक पेश करें।

इनकम

आज इस इंडस्ट्री में एनुअली 6-8 लाख रुपये के बीच हो सकता है। कुछ सालों के एक्सपेरिएंस के साथ-साथ आपके इनकम में बढ़ जाएगी। वैसे फॉरेन में इण्डियन डिजाइनर की काफ़ी डिमांड है।

टॉप इंस्टिट्यूट्स

इंडस्ट्रियल डिजाइन सेंटर, आईआईटीबी, मुम्बई
वेबसाइट: www.idc.iitb.ac.in

मैनेजमेंट इंस्टीटूट ऑफ डिजाइन, पालदी, अहमदाबाद
वेबसाइट: www.mada.ac.in

सिंबायोसिस इंस्टिट्यूट ऑफ डिजाइन, पुणे
वेबसाइट: www.sid.edu.in

● एमआईटी इंस्टीटूट ऑफ डिजाइन, पुणे
वेबसाइट: www.mitpune.com

डिपार्टमेंट ऑफ डिजाइन, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी(आईआईटी), गुवाहटी
वेबसाइट: www.iitg.ac.in

Thanks
Team Akanksha

No comments:

Post a Comment