अच्छी सेहत और स्वास्थ्य आहार के तालमेल के मद्देनजर वर्तमान माहौल में न्यूट्रिशनिस्ट/डायटीशियन की काफी मांग है
आजकल लोगों में स्वास्थ्य जागरूकता देखते बनती है। एक्सरसाइज से लेकर फ़ूड तक उनके उनके द्वारा उस उपाय को अपनाया जाता है जो उनको फिट रखने में मददगार हो। यही कारण है कि अच्छी सेहत को ध्यान में रखते हुए आहार के मामले में न्यूट्रिशनिस्ट/डायटीशियन की सलाह लेंने में भी वे पीछे नहीं हैं। ऐसे में न्यूट्रिशनिस्ट/डायटीशियन की मांग पहले की तुलना में अब काफी बढ़ गयी है
वर्क रूटीन
मोटे तौर पर कहा जाए तो डाइटीशियन का काम किसी भी तरह का फ़ूड प्लान करना होता है। ऐसे प्रोफेशनल किसी भी उम्र के पर्सन के लिए फ़ूड प्लानिंग कर सकते हैं। फ़ूड प्लानिंग का मकसद यही होता है कि आहार के रूप में जो खाया जाए, वह संतुलित हो और शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अत्यंत फायदेमंद हो। व्यक्ति की जरूरत, उम्र, बीमारी आदि के आधार पर ही फूड प्लानिंग की जाती है।
कोर्स कैसे-कैसे
डायटेटिक्स एंड न्यूट्रिशन के कोर्स ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन, दोनों ही स्तरों के उपलब्ध हैं। कई संस्थानों में डिप्लोमा इन डायटेटिक्स एंड पब्लिक हेल्थ नयट्रिशन (डीडीपीएचन) जैसा एकवर्षीय पीजी डिप्लोमा कोर्स भी है। इसके अलावा फ़ूड साइंस के 4 वर्षीय पाठ्यक्रम में भी एडमिशन ले सकतें है। इस फील्ड में हायर एजुकेशन की भी सुविधा है। आप पीएचडी और रिसर्च जैसे पाठ्यक्रमों में पीजी के बाद जा सकतें हैं। मेडिकल बैकग्राउंड न होने पर भी डाइटीशियन के रूप में कैरियर बनाया जा सकता है। इसके लिए होमसाइंस, फ़ूड टेक्नोलॉजी आदि से रिलेटेड बैकग्राउंड जरूरी है। पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद इस क्षेत्र में बेहतर अवसर मिलते हैं।
एजुकेशनल क्वालीफिकेशन्स
ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन स्तर पर होम साइंस डायटेटिक्स एन्ड न्यूट्रिशन, फ़ूड साइंस जैसे विषयों की पढ़ाई के बाद डाइटीशियन के रूप में कैरियर की रूपरेखा बनाई जा सकती है। बैचलर कोर्स में दाखिला लेने के लिए 12वीं में साइंस विषय जरूरी है। बायोलॉजी/ होम साइंस, फ़ूड साइंस, बायोकेमिस्ट्री, एग्रीकल्चर, डेयरी, कैटरिंग टेक्नोलॉजी, मेडिसन आदि में बैचलर डिग्री रखने वाले स्टूडेंट्स डायटेटिक्स में पीजी कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं।
ऑपर्चुनिटी है यहां
हॉस्पिटल, हेल्थ एन्ड फिटनेस क्लब, होटल, स्कूल, फ़ूड मैनुफैक्चरिंग यूनिट, हेल्थ डिपार्टमेंट आदि जगहों पर ऐसे प्रफेशनल्स की मांग होती है। निजी और सरकारी, दोनों ही क्षेत्रों में अवसर मिलतें हैं। एक्सपीरिएंस के बाद खुद की प्रैक्टिस से भी कमाई की जा सकती है
मुख्य संस्थान
पीजी डिप्लोमा कोर्स इन डायटेटिक्स, इंस्टिट्यूट ऑफ होम इकोनॉमिक्स, नई दिल्ली
वेबसाइट: www.ihe-du.com/
गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर
वेबसाइट: www.gndu.ac.in/
आल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हाइजीन एन्ड पब्लिक हेल्थ, कोलकाता
वेबसाइट: www.aiihph.gov.in/
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन, हैदराबाद
वेबसाइट: www.ninindia.org/
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Team Akanksha
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