Tuesday, 17 April 2018

आवाज में है जादू तो बन सकते है डबिंग आर्टिस्ट

आवाज में है जादू तो बन सकते है डबिंग आर्टिस्ट

अगर आपने काबिल मूवी देखा है तो आपने देखा होगा कि हृतिक रोशन का किरदार एक डबिंग आर्टिस्ट का था। अगर आपके अंदर भी अलग अलग किरदारों के मूड और इमोशन में ढल वाली आवाज है तो एंटरटेनमेंट की इस इंडस्ट्री में बहुत सुनहरा अवसर है


जिस तरह से आज आज कार्टून मूवी, सीरियल, कमर्शियल शोज और एनिमेशन का काम बढ़ रहा है उस हिसाब से इस इंडस्ट्री कम समय मे एक बेहतरीन कैरियर बनाया जा सकता है। इस इंडस्ट्री में आवाज का कोई भी धनी इंसान बतौर वॉयस ओवर या डबिंग आर्टिस्ट टीवी, फ़िल्म और रेडियों में करियर का आगाज कर सकता है।

वर्क प्रोफाइल

एक डबिंग और वॉयस ओवर आर्टिस्ट डॉक्युमेंट्रीज़, टीवी प्रोग्राम्स, ऐड फिल्म्स में अपनी आवाज देतें हैं। हालांकि, इन दोनों कामों में थोड़ा सा अंतर है। जब किसी विजुअल, स्टिल, एडवर्टिजमेंट के साथ आवाज आती है, तो वह वॉयस ओवर आर्टिस्ट की होती है। वहीं, डबिंग आर्टिस्ट सिनेमा, टेलीफिल्म्स आदि लिए काम करते हैं। ऑन स्क्रीन एक्टर या एक्ट्रेस या एनिमेटेड कैरेक्टर्स जब परफार्म करतें हैं, तो उनकी आवाज एक डबिंग आर्टिस्ट ही रिकॉर्ड करता है।

स्किल्स पर फोकस

डबिंग में करियर के लिए इमोशन, टोन, और आवाज पर काफी काम करना होता है। एक सफल डबिंग आर्टिस्ट बनने के लिए सबसे जरूरी है, प्रोफेशन की बारीकियों को समझना। आपको कैरेक्टर्स यानी किरदारों के हावभाव को पढ़ना आन चाहिए, क्योंकि फिर उससे अपनी आवाज को मैच कराना होता है। इस क्रम में आपको बार बार री-टेक भी करने पड़ सकतें है। ऐसे में अपना कॉन्फिडेंस नही खोना चाहिए। गले को ठीक रखने के लिए आपको ठंडी चीजो से परहेज करना होगा।

एलिजिबिलिटी

डबिंग आर्टिस्ट बनने के लिए किसी विशेष एजुकेशन या क्वालिफिकेशन की जरूरत नहीं है। हां, लैंग्वेज पर कमांड जरूर होनी चाहिए। साथ ही, किरदार के अनुसार वॉयस मॉड्यूलेशन करना आना चाहिए। एक वॉयस ओवर आर्टिस्ट को डिक्शन, उच्चारण आदि पर भी कम करना होता है। इंडिया में कुछ ट्रेनिंग इंस्टीट्यूटस एक से तीन महीने का स्पेशलाइज्ड सर्टिफिकेट प्रोग्राम्स और वर्क शॉप आयोजित करते हैं।

एंट्री प्रॉसेस

इस फील्ड में एंट्री के लिए सबसे पहले आपको किसी रिकॉर्डर या कम्प्यूटर पर वॉयस रिकॉर्ड करनी होगी। इसके बाद किसी रिकॉर्डिंग स्टूडियो की मदद से अलग अलग भाषाओं में एक डेमो तैयार करें। इसके बाद प्रोडक्शन हाउस से कॉन्टैक्ट करें, जो समय समय पर ऑडिशन्स ऑर्गनाइज करतें रहतें है। आप चाहे, तो अपना वेब पेज क्रिएट वहां भी अपनी साउंड क्लिपिंग्स अपलोड कर सकतें हैं आजकल लोग ज्यादातर वेबसाइट के जरिये ही डबिंग या वॉयस आर्टिस्ट की हायरिंग कर रहें हैं।



ऑपरट्यूनिटीज

बात चाहे वीडियो गेम्स की हो, ऐप, इंटरनेट पब्लिशिंग की, हर जगह वॉयस ओवर या डबिंग आर्टिस्ट्स की डिमांड देखी जा रही है। फ़िल्म और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में खैर इनकी मांग बढ़ती जा रही है। यहां पर कॉन्ट्रैक्ट बेसिस या फ्रीलांसर की तरह काम किया सकता है
शुरुआत भले ही कम पैसे हो लेकिन डेडिकेशन परफॉर्मेंस और अच्छे ब्रेक्स के साथ कीमत बढ़ जाती है।

डबिंग आर्टिस्ट की जुबानी इसकी कहानी

दोस्तों मैने नॉडी, निन्जा हट्टोरी जैसे जैसे पॉपुलर कैरेक्टर्स के अलावा बॉलीवुड और हॉलीवुड फिल्मों के किरदारों को अपनी आवाज दी है। 25 साल के कैरियर में अब काम थोड़ा स्मूथ हो गया है, निश्चित तौर पर आज भी बहुत चैलेंजिंग है। एक ही आवाज ही नहीं, बल्कि आपको एक बेहतरीन आर्टिस्ट भी होना होगा। आज लोग इसे फुलटाइम कैरियर बना रहे हैं। यदि यह पैशन है तो इंजॉय करें और खूब प्रैक्टिस करें। आप बेशक़ औरों से बेहतर होते जाएंगे और अच्छे ऑफर भी मिलते रहेंगे।

-मेघना एरंडे, डबिंग आर्टिस्ट, मुंबई


-मेघना एरंडे, डबिंग आर्टिस्ट, मुंबई



टॉप इंस्टिट्यूटस

वॉयस ट्रेनिंग सेंटर, मुंबई
www.indian-voice-overs.com/

जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशन, मुम्बई
www.xaviercomm.com/

एशियन एकेडमी ऑफ फ़िल्म एन्ड टेलीविजन,नोएडा
www.aaft.com/

मुंबई फ़िल्म एकेडमी,मुंबई
www.mumbaifilmacademy.com/

आर.के.फिल्म्स ऐंड मीडिया एकेडमी,दिल्ली
www.rkfma.com/

Thanks

Team Akanksha

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