हम अपना कैरियर अपने पसंद के हिसाब से उन निर्णयों के आधार पर बनाते हैं जो हमे लगता है कि हमारे पसंद के कैरियर से मेल खाता है। कभी- कभी उसकी वजह से हमें सहीं ढंग से न जॉब मिलती है और न ही हम खुश हो पाते हैं। हमारा पूरा जीवन हमारे निर्णयों पर आधारित होता है
क्या आपने एक ऐसा कैरियर बनाया है जो आपके लिए सही नही है? या अपने कैरियर की राह सही चुनी है लेकिन जो जॉब आपके पास है वो आपके क्वालिफिकेशन्स और विशेषता के हिसाब से नही है. जिसकी वजह से आप अपनी क्षमता को सही ढंग से नही दिख पा रहें है और आपके लिए एक अच्छा रिजल्ट भी नही मिल रहा है.
इस वजह से कहीं आपकी दिलचस्पी उस जॉब से जुड़ी किसी नई स्किल्स को सीखने का भी नही होता है और न उसमे कोई मोटिवेशन होता है.
गलत कैरियर चुनाव करने के क्या-क्या रिजल्ट आतें हैं? तो चलिए जानतें है गलत कैरियर के पीछे के कारणों को जिस पर खुद लोग अपने आपको ले जातें है.
खुद की ताकत और टैलेंट के बारे में न पता लगा पाना
सबसे बेसिक कारण लोगों का अपने करियर में पीछे होना उनका अपने बारें में न पता होना होता है. जब हमें खुद ही नही पता कि कौन सी खूबियां हममें है तो कैसे आगें बढ़ सकते हैं. हमें पता ही नही है कि कौन सा काम करने में हमे मजा आता है और उसे करते रहने का मन करता है.
इसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है खुद की व्यक्तिगत ताकत और और कमजोरियों को जानना ताकि हम जान सकें कि कौन सा कॅरियर हमारे पर्सनालिटी के लिए एकदम परफेक्ट है. क्योंकि जिस काम मे हमें करने में अच्छा लगता है वह सक्सेस के लिए सबसे परफेक्ट रास्ता है.
गलत गाइडेंस
हमारे लिए खुद की काबिलियत पर विश्वास करना सही कैरियर के ताले की चाबी है. इसके अभाव में हम गाइडेंस की बहुत ज्यादा जरूरत पड़ती है इसलिए हम अपने आस पास के लोगों से उसके बारे पूंछने लगते हैं जहां से सही के बजाय अक्सर गलत गाइडेंस मिलती है. इसलिए गाइडेंस लेने से पहले यह सोच लेना जरूरी है कि वह उस लायक है कि हमे बता सके कि क्या सही है और क्या गलत?
खुद की बजाय भीड़ को सुनना और उसका पीछा करना
यह सही है कि हम सबको हमारे प्रोफेसनल जिंदगी के कई पड़ावों पर गाइडेंस की जरूरत पड़ती है, लेकिन अगर किसी और के सपनों या पॉपुलर ट्रेंड्स से प्रभवित हैं बजाय खुद के अंदर उठने वाली आवाज की तुलना में तो हमारे लिए खतरे की घंटी बज रही है।
लोगों का पीछा करने के बजाय खुद को इस बात के लिए समझिए कि क्या वास्तव में आपके लिए बेहतर है और उस पर जुट जाइये बाकी सारी चीजें अपने आप आपके पास जाएंगी।
क्योंकि अंधाधुंध किसी का भी पीछा करना अक्सर हमें गड्ढे में ले जाता है इसलिए भीड़ की बजाय खुद को सुनना बहुत जरूरी होता है। हम सबने थ्री इडियट्स के फरहान इस डायलॉग पर ताली बजायी थी,'अब्बू, मैं कम पैसे कमाऊंगा, छोटा घर होगा, सस्ती कर होगी लेकिन मैं आपको और खुद को खुश महसूस करूँगा.'
लेकिन हम कई बार भीड़ की बहुत बुरी तरह पीछा करते हैं और खुद को मिटा देतें हैं।
डर
अक्सर शुरुआत में ही हमें पता होता है कि कौनसा कैरियर हमारे लिए बेहतर है लेकिन इस पर काम करने के बजाय हम काम नही करते हैं इस डर से नही करते हैं कि हमारा नाम नही होगा, हमें कम पैसे मिलेंगे, हम अगर फेल हो गए तो.... अपने कैरियर के गोल में डर ला देने की वजह हम अपने आपको वहीं खुद को रोक देतें है जहां से सफलता नही असफलता का रास्ता शुरू होता है. हम खुद को रोक देतें है अपने कैरियर में सफलता की उड़ान भरने से और उसको इंजॉय करने से भी। और इस वजह से जिन्दगी में इस तरह के निर्णय लेने से बाद में कैरियर में असंतुष्टि और मोटिवेशन कि कमी आ जाती है।
दृढ़ता की कमीं
एक बेहतर करियर बनाने के लिए धैर्य और दृढ़ता की जरूरत होती है. काम करना जरूरी नही होता है बल्कि उस पर लगे रहना बहुत जरूरी होता है. जल्दी सक्सेस पाने के लिए बहुत सारे शॉर्टकट्स लेनें लगते हैं जिससे जॉब की सिक्योरिटी भी खत्म होने लगती है और जॉब में मन भी नही लगता है। जिस काम को पसंद किए उसको समय दें अक्सर बहुत कुछ समय लेकर आता है
यह कुछ कारण हैं जिसकी वजह से लोग गलत कैरियर का चुनाव करतें है और बुलंदियों पर नही पातें हैं. यह सब समझकर कोई भी एक सही कैरियर केवल न चुनाव कर सकता है बल्कि उसको इंजॉय भी कर सकता है
Thanks
Team Akanksha
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